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Sustainability Development

इस तरह पैसे कमाती है UAE सरकार

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इस तरह पैसे कमाती है UAE सरकार

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UAE अनेक विकसित देशों में से एक है। यहां आम जनता के लिए सबसे बड़ी राहत यह है कि यहां उनसे कोई आयकर वसूल नहीं किया जाता जिससे वे अपनी विलासिता पर अधिक खर्च कर सकते हैं। आयकर ना लिए जाने के बाद भी वहां की सरकारें अन्य प्रकार के टैक्स लेती है जो‌ उनके राजस्व को भरने का काम करती हैं।

क्या आप कोई ऐसे देश के बारे में जानते हैं जहां आम जनता की आय पर कोई टैक्स नहीं लिया जाता? अपने ऐसा शायद ही सुना होगा। तो चलिए आज हम आपको बताते हैं। वास्तव में, संयुक्त अरब अमीरात UAE, एक ऐसा देश है जहां आम जनता के लिए किसी भी प्रकार का आयकर income tax मौजूद नहीं है। जी! यह बिल्कुल सच है। लेकिन फिर यह सवाल उठता है कि अगर दुबई सरकार लोगों की आय पर कोई टैक्स नहीं लेती, तो आख़िर वहां की सरकार को पैसा कहां से प्राप्त होता होगा। तो चलिए हम आपको इसके विषय में पूरी जानकारी देते हैं।

असल में, अपनी आय पर कोई टैक्स ना लिए जाने के कारण UAE के लोग अपने ऐशो आराम पर अधिक खर्च करते हैं। संयुक्त अरब अमीरात UAE दुनिया के सबसे अमीर देशों में से एक है। इसका अधिकांश पैसा माल के उत्पादन production of goods और पेट्रोलियम petroleum, पेट्रोकेमिकल्स petrochemicals, एल्यूमीनियम aluminium और सीमेंट cement संबंधित सेवाओं से आता है। दुबई सरकार लोगों से आयकर नहीं वसूलती हैं लेकिन यहां की सरकार कुछ अन्य चीजों से पैसे कमाती हैं। 

1. जुर्माना fines

असल में, दुबई में हर छोटी बड़ी चीजों पर जूर्माना लिया जाता है। यहां वाहनों की स्पीड से लेकर कहीं थूकने तक, दुबई में हर चीजों पर जुर्माना वसूला जाता है। यूएई में हर जगह ट्रैफिक रडार कैमरे हैं, और वे दुनिया के सबसे स्मार्ट सिस्टमों में हैं। दुबई की जुर्माना प्रणाली काफी महंगी है। लोगों से लिए गया जुर्माना सीधा-सीधा वहां की सरकार के राजस्व को बढ़ाता है।

2. पर्यटन tourism

दुबई के पास पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था है। पहले के समय में दुबई मात्र तेल आधारित अर्थव्यवस्था पर निर्भर हुआ करता था। लेकिन मौजूदा समय में, दुबई ‌ने अपनी तेल आधारित अर्थव्यवस्था को पर्यटन पर शिफ्ट कर दिया है। आज दुबई में घूमने के लिए इतने स्थान हैं जिसके लिए शायद‌ एक महीना भी कम पड़ सकता है। दुबई सरकार ने अपने पर्यटन को काफी बढ़ावा दिया है जिससे वे अपने राजस्व को बढ़ाती हैं।

3. टैक्स taxes

सरकार की आय का ‌सबसे बड़ा स्रोत है- शराब। यहां दुबई सरकार ‌होटल के राजस्व और मनोरंजन पर 10% म्यूनिसिपल टैक्स municipal tax लगाती हैं। इसलिए जब भी आप दुबई के किसी होटल में ठहरने या खाने के लिए जाते हैं, तो आपके बिल में 10% टैक्स जोड़ा जाता है। इसके अलावा भी लोगों से अनेक प्रकार के टैक्स लिए जाते हैं जिससे सरकार पैसे कमाती हैं।

4. सरकारी सेवाएं government services

सरकारी सेवाएं काफी महंगी हैं। इसके अलावा दुबई में व्यापार लाइसेंस business license बहुत महंगे हैं और इसके लिए लोगों के आसानी से हजारों डॉलर तक खर्च हो सकते हैं। यह सभी कर tax वहां के सरकारी खजाने को भरने का काम करती हैं। दुबई जैसे विकसित देश में आम लोगों पर सिर्फ आयकर का बोझ नहीं होता जिससे वे अपने शौक और विलासिता पर अधिक खर्च कर पाते हैं।

क्या आप कोई ऐसे देश के बारे में जानते हैं जहां आम जनता की आय पर कोई टैक्स नहीं लिया जाता? अपने ऐसा शायद ही सुना होगा। तो चलिए आज हम आपको बताते हैं। वास्तव में, संयुक्त अरब अमीरात UAE, एक ऐसा देश है जहां आम जनता के लिए किसी भी प्रकार का आयकर income tax मौजूद नहीं है। जी! यह बिल्कुल सच है। लेकिन फिर यह सवाल उठता है कि अगर दुबई सरकार लोगों की आय पर कोई टैक्स नहीं लेती, तो आख़िर वहां की सरकार को पैसा कहां से प्राप्त होता होगा। तो चलिए हम आपको इसके विषय में पूरी जानकारी देते हैं।

असल में, अपनी आय पर कोई टैक्स ना लिए जाने के कारण UAE के लोग अपने ऐशो आराम पर अधिक खर्च करते हैं। संयुक्त अरब अमीरात UAE दुनिया के सबसे अमीर देशों में से एक है। इसका अधिकांश पैसा माल के उत्पादन production of goods और पेट्रोलियम petroleum, पेट्रोकेमिकल्स petrochemicals, एल्यूमीनियम aluminium और सीमेंट cement संबंधित सेवाओं से आता है। दुबई सरकार लोगों से आयकर नहीं वसूलती हैं लेकिन यहां की सरकार कुछ अन्य चीजों से पैसे कमाती हैं। 

1. जुर्माना fines

असल में, दुबई में हर छोटी बड़ी चीजों पर जूर्माना लिया जाता है। यहां वाहनों की स्पीड से लेकर कहीं थूकने तक, दुबई में हर चीजों पर जुर्माना वसूला जाता है। यूएई में हर जगह ट्रैफिक रडार कैमरे हैं, और वे दुनिया के सबसे स्मार्ट सिस्टमों में हैं। दुबई की जुर्माना प्रणाली काफी महंगी है। लोगों से लिए गया जुर्माना सीधा-सीधा वहां की सरकार के राजस्व को बढ़ाता है।

2. पर्यटन tourism

दुबई के पास पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था है। पहले के समय में दुबई मात्र तेल आधारित अर्थव्यवस्था पर निर्भर हुआ करता था। लेकिन मौजूदा समय में, दुबई ‌ने अपनी तेल आधारित अर्थव्यवस्था को पर्यटन पर शिफ्ट कर दिया है। आज दुबई में घूमने के लिए इतने स्थान हैं जिसके लिए शायद‌ एक महीना भी कम पड़ सकता है। दुबई सरकार ने अपने पर्यटन को काफी बढ़ावा दिया है जिससे वे अपने राजस्व को बढ़ाती हैं।

3. टैक्स taxes

सरकार की आय का ‌सबसे बड़ा स्रोत है- शराब। यहां दुबई सरकार ‌होटल के राजस्व और मनोरंजन पर 10% म्यूनिसिपल टैक्स municipal tax लगाती हैं। इसलिए जब भी आप दुबई के किसी होटल में ठहरने या खाने के लिए जाते हैं, तो आपके बिल में 10% टैक्स जोड़ा जाता है। इसके अलावा भी लोगों से अनेक प्रकार के टैक्स लिए जाते हैं जिससे सरकार पैसे कमाती हैं।

4. सरकारी सेवाएं government services

सरकारी सेवाएं काफी महंगी हैं। इसके अलावा दुबई में व्यापार लाइसेंस business license बहुत महंगे हैं और इसके लिए लोगों के आसानी से हजारों डॉलर तक खर्च हो सकते हैं। यह सभी कर tax वहां के सरकारी खजाने को भरने का काम करती हैं। दुबई जैसे विकसित देश में आम लोगों पर सिर्फ आयकर का बोझ नहीं होता जिससे वे अपने शौक और विलासिता पर अधिक खर्च कर पाते हैं।