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Sustainability Technology Advancement and Wellness

Black Box क्या होता है ?

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Black Box क्या होता है ?

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विज्ञान ने जीवन के हर क्षेत्र में चमत्कार उत्पन्न किया है। विज्ञान और नयी तकनीक technology के कारण मानव को अपरिमित और अदम्य शक्ति प्राप्त हुई है। पहले के विमानों में और आज के विमानों में काफी अंतर है। आज technical knowledge की वजह से हर चीज में काफी बदलाव आ चुके हैं। हवाई जहाज में एक चीज ऐसी होती है जो दुर्घटना के हर राज को खोल देती है और वो है black box ब्लैक बॉक्स। दुर्घटना किन कारणों से हुई इसका पता ब्लैक बॉक्स के द्वारा लगाया जाता है। वायुयान में उड़ान के दौरान विमान से जुड़ी सभी तरह की गतिविधियों को रिकॉर्ड करने वाला उपकरण device होता है और यह हर किसी प्लेन का सबसे जरूरी हिस्सा होता है।

अगर देखा जाए तो प्लेन Plane के प्रारंभिक स्वरुप और आज के विमानों planes में काफी परिवर्तन हो चुका है। आज प्लेन या हेलिकॉप्टर helicopter मानव जीवन का एक अहम हिस्सा बन गया है। आज हम इस तकनीक technology की वजह से काफी आगे बढ़ चुके हैं। विज्ञान science ने आज काफी प्रगति कर ली है। वर्तमान युग विज्ञान का युग age of science है। मानव को जिन-जिन चीजों की आवश्यकता होती है। वह उन्हें प्राप्त करने के लिए प्रयास करता रहता है। इसी प्रयास के द्वारा नवीन आविष्कारों का जन्म होता है। आपने अक्सर सुना होगा कि जब भी कोई हादसा होता है तो जांच एजेंसियां investigative agencies उस प्लेन के ब्लैक बॉक्स (Black Box) को ढूंढते हैं। चलिए जानते हैं कि हादसे से ब्लैक बॉक्स का क्या संबंध है और क्या होता है ब्लैक बॉक्स। 

क्या है ब्लैक बॉक्स

ब्लैक बॉक्स प्लेन या हेलिकॉप्टर का एक बहुत ही अहम हिस्सा होता है। 1954 में वैमानिकी शोधकर्ता डेविड वॉरेन aeronautical researcher David Warren द्वारा ब्लैक बॉक्स Black Box का आविष्कार किया गया था। यह एक इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्डिंग डिवाइस electronic recording device है। पहले इसे इसके लाल रंग के कारण ‘रेड एग’ red egg के नाम से भी पुकारा जाता था। इसका काम प्लेन की गतिविधियों को रिकार्ड record करने का होता है इसलिए उड़ान के समय इसकी मह्त्वपूर्ण भूमिका होती है। विमान हादसे के समय दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए ही ब्लैक बॉक्स Black Box को हवाई जहाज में लगाया जाता है। ब्लैक बॉक्स हर एक प्लेन में रहता है चाहें वह पैसेंजर प्लेन passenger plane हो, कार्गो cargo या Fighter फाइटर। यह वायुयान में उड़ान के दौरान विमान से जुडी सभी तरह की गतिविधियों को रिकॉर्ड करने वाला उपकरण Device होता है। ब्लैक बॉक्स टाइटेनियम धातु titanium metal होता है। यह धातु बहुत ही मजबूत होती है। इस पर बड़े से बड़े धमाके का भी कोई असर नहीं होता है। यह टाइटेनियम Titanium के ही बने डिब्बे में बंद होता है। ब्लैक बॉक्स सुरक्षा की दृष्टि से विमान के पिछले हिस्से में होता है। इसको फ्लाइट डाटा रिकॉर्डर flight data recorder भी कहते हैं। वैसे इसे ब्लैक बॉक्स black box कहा जाता है पर इसका ऊपरी हिस्सा लाल या गुलाबी होता है। दरअसल इसका बीच का हिस्सा ब्लैक होता है जिसकी वजह से इसे ब्लैक बॉक्स कहा जाता है।

कैसे काम करता है ब्लैक बॉक्स

ब्लैक बॉक्स उड़ान के दौरान विमान से संबंधित हर गतिविधि को रिकार्ड करता है। ब्लैक बॉक्स किसी भी विमान में होने वाले हादसे के बारे में सूचित करता है। यह विमान की दिशा, ऊंचाई, ईंधन, गति, केबिन तापमान आदि गतिविधियों की जानकारी देता है। ब्लैक बॉक्स काफी मजबूत होता है। यह उचाईं से नीचे गिर भी जाए तो भी इस पर कोई फर्क नहीं पड़ता है। यहाँ तक कि पानी में गिरने पर भी इस पर कोई फर्क नहीं पड़ता है। इस उपकरण Device को लगाने का मुख्य उद्देश्य था विमान हादसे के कारणों का ठीक से पता लगाना जिससे भविष्य में होने वाले हादसों से बचा जा सके। यही सब कुछ देखने और सोचने के बाद ब्लैक बॉक्स black box का निर्माण किया गया। ब्लैक बॉक्स’ में दो अलग-अलग तरह के बॉक्स होते हैं। एक फ्लाइट डाटा रिकॉर्डर flight data recorder और दूसरा cockpit voice recorder कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डर। यह फ्लाइट डाटा रिकॉर्डर लगभग 88 प्रकार के आंकड़ों के बारे में 25 घंटों से अधिक की रिकार्डेड जानकारी रखता है। यह किसी प्लेन के क्रैश होने के बाद लगभग 25 से 30 दिन तक ऑन रहता है ताकि इसे आसानी से ट्रैक track किया जा सके। कॉकपिट वोइस रिकॉर्डर, इंजन की आवाज, आपातकालीन अलार्म की आवाज, केबिन की आवाज और कॉकपिट की आवाज को रिकॉर्ड करता है। जब यह बॉक्स किसी जगह पर गिरता है तो प्रत्येक सेकेण्ड एक बीप की आवाज लगातार 30 दिनों तक निकालता रहता है। यह जांच एजेंसियों द्वारा 2 से 3 किमी. की दूरी से ही पहचान लिया जाता है। इन दोनों बक्सों का रंग काला नहीं बल्कि लाल red या गुलाबी pink होता है जिससे यह आसानी से मिल जाए। 

अगर देखा जाए तो प्लेन Plane के प्रारंभिक स्वरुप और आज के विमानों planes में काफी परिवर्तन हो चुका है। आज प्लेन या हेलिकॉप्टर helicopter मानव जीवन का एक अहम हिस्सा बन गया है। आज हम इस तकनीक technology की वजह से काफी आगे बढ़ चुके हैं। विज्ञान science ने आज काफी प्रगति कर ली है। वर्तमान युग विज्ञान का युग age of science है। मानव को जिन-जिन चीजों की आवश्यकता होती है। वह उन्हें प्राप्त करने के लिए प्रयास करता रहता है। इसी प्रयास के द्वारा नवीन आविष्कारों का जन्म होता है। आपने अक्सर सुना होगा कि जब भी कोई हादसा होता है तो जांच एजेंसियां investigative agencies उस प्लेन के ब्लैक बॉक्स (Black Box) को ढूंढते हैं। चलिए जानते हैं कि हादसे से ब्लैक बॉक्स का क्या संबंध है और क्या होता है ब्लैक बॉक्स। 

क्या है ब्लैक बॉक्स

ब्लैक बॉक्स प्लेन या हेलिकॉप्टर का एक बहुत ही अहम हिस्सा होता है। 1954 में वैमानिकी शोधकर्ता डेविड वॉरेन aeronautical researcher David Warren द्वारा ब्लैक बॉक्स Black Box का आविष्कार किया गया था। यह एक इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्डिंग डिवाइस electronic recording device है। पहले इसे इसके लाल रंग के कारण ‘रेड एग’ red egg के नाम से भी पुकारा जाता था। इसका काम प्लेन की गतिविधियों को रिकार्ड record करने का होता है इसलिए उड़ान के समय इसकी मह्त्वपूर्ण भूमिका होती है। विमान हादसे के समय दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए ही ब्लैक बॉक्स Black Box को हवाई जहाज में लगाया जाता है। ब्लैक बॉक्स हर एक प्लेन में रहता है चाहें वह पैसेंजर प्लेन passenger plane हो, कार्गो cargo या Fighter फाइटर। यह वायुयान में उड़ान के दौरान विमान से जुडी सभी तरह की गतिविधियों को रिकॉर्ड करने वाला उपकरण Device होता है। ब्लैक बॉक्स टाइटेनियम धातु titanium metal होता है। यह धातु बहुत ही मजबूत होती है। इस पर बड़े से बड़े धमाके का भी कोई असर नहीं होता है। यह टाइटेनियम Titanium के ही बने डिब्बे में बंद होता है। ब्लैक बॉक्स सुरक्षा की दृष्टि से विमान के पिछले हिस्से में होता है। इसको फ्लाइट डाटा रिकॉर्डर flight data recorder भी कहते हैं। वैसे इसे ब्लैक बॉक्स black box कहा जाता है पर इसका ऊपरी हिस्सा लाल या गुलाबी होता है। दरअसल इसका बीच का हिस्सा ब्लैक होता है जिसकी वजह से इसे ब्लैक बॉक्स कहा जाता है।

कैसे काम करता है ब्लैक बॉक्स

ब्लैक बॉक्स उड़ान के दौरान विमान से संबंधित हर गतिविधि को रिकार्ड करता है। ब्लैक बॉक्स किसी भी विमान में होने वाले हादसे के बारे में सूचित करता है। यह विमान की दिशा, ऊंचाई, ईंधन, गति, केबिन तापमान आदि गतिविधियों की जानकारी देता है। ब्लैक बॉक्स काफी मजबूत होता है। यह उचाईं से नीचे गिर भी जाए तो भी इस पर कोई फर्क नहीं पड़ता है। यहाँ तक कि पानी में गिरने पर भी इस पर कोई फर्क नहीं पड़ता है। इस उपकरण Device को लगाने का मुख्य उद्देश्य था विमान हादसे के कारणों का ठीक से पता लगाना जिससे भविष्य में होने वाले हादसों से बचा जा सके। यही सब कुछ देखने और सोचने के बाद ब्लैक बॉक्स black box का निर्माण किया गया। ब्लैक बॉक्स’ में दो अलग-अलग तरह के बॉक्स होते हैं। एक फ्लाइट डाटा रिकॉर्डर flight data recorder और दूसरा cockpit voice recorder कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डर। यह फ्लाइट डाटा रिकॉर्डर लगभग 88 प्रकार के आंकड़ों के बारे में 25 घंटों से अधिक की रिकार्डेड जानकारी रखता है। यह किसी प्लेन के क्रैश होने के बाद लगभग 25 से 30 दिन तक ऑन रहता है ताकि इसे आसानी से ट्रैक track किया जा सके। कॉकपिट वोइस रिकॉर्डर, इंजन की आवाज, आपातकालीन अलार्म की आवाज, केबिन की आवाज और कॉकपिट की आवाज को रिकॉर्ड करता है। जब यह बॉक्स किसी जगह पर गिरता है तो प्रत्येक सेकेण्ड एक बीप की आवाज लगातार 30 दिनों तक निकालता रहता है। यह जांच एजेंसियों द्वारा 2 से 3 किमी. की दूरी से ही पहचान लिया जाता है। इन दोनों बक्सों का रंग काला नहीं बल्कि लाल red या गुलाबी pink होता है जिससे यह आसानी से मिल जाए।