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ग्राफिक डिजाइनिंग - करियर की संभावनाएं

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ग्राफिक डिजाइनिंग - करियर की संभावनाएं

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Post Highlights

आज के इस दौर में ग्राफ़िक डिज़ाइनर का विकल्प एक बेहतर करियर के रूप में उभर कर आया है। बिजनेस की संभावनाओं के साथ रोजगार के अवसर भी खुल गए हैं। युवाओं के लिए ये एक बेहतर विकल्प साबित हुआ है।

ग्राफ़िक डिज़ाइन से आज हर कोई वाकिफ है। ग्राफ़िक डिज़ाइन का मतलब संचार से है, जिसमें आप अपनी बात लोगों को किसी चित्र, पोस्टर, कार्टून, चार्ट आदि के माध्यम से समझा सकते हैं। इसमें व्यवसाय की अपार संभावनाएं हैं। यह संचार का तरीका आज के युग में बहुत अधिक प्रचलित है। इंटरनेट के समय में हम अपना भविष्य इसमें तलाश सकते हैं। क्योंकि आजकल प्रत्येक व्यवसाय को ग्राफ़िक डिज़ाइनर की जरूरत पड़ती है। अगर आप में ये काबिलियत है तो आप इस क्षेत्र में जा सकते हैं। इसमें घर बैठ कर भी बिजनेस कर सकते हैं। घर से ही कई छोटे-छोटे बिजनेस विचारों को बना सकते हैं। भिन्न-भिन्न प्रकार के व्यवसायों को नया आयाम देने के लिए, बिज़नेस में लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने अनेक योजनाएं बनायी हैं, जैसे प्रधानमंत्री एम्प्लॉयमेंट प्रोग्राम, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, स्टार्ट-अप योजना आदि। इन सब योजनाओं में बिजनेस के लिए बैंक लोन की भी व्यवस्था की गयी है। विज़ुअल और ग्राफिक-आर्ट इन दिनों बहुत प्रचलन में हैं, इसलिए इसकी मांग बहुत ज्यादा है। ग्राफिक डिजाइनर्स को वेबसाइट, एडवरटाइजिंग एजेंसी, किताबें, पत्रिकाएं, पोस्टर्स, कम्प्यूटर गेम्स, प्रोडक्ट पैकिजिंग, कॉर्पोरेट कम्यूनिकेशन, कॉर्पोरेट आइडेंडिटी में अच्छी सैलरी के साथ काम मिल जाता है। ग्राफिक डिजाइनिंग में आपको इमेज, टेक्स्ट को एक साथ मिलाकर एक क्रिएटिव ग्राफ़िक्स को उपयोगकर्ता तक पहुँचाना होता है। इस काम को आप घर बैठे भी आराम से कर सकते हैं। इसमें बहुत सारे विकल्प होते हैं। इसमें भी काम करने के लिए बहुत सारे क्षेत्र हैं । जैसे वेब डेवलपमेंट, प्रिंट पब्लिकेशन, सोशल मीडिया, कंपनी ब्रांडिंग, टीवी इंडस्ट्री, एडवरटाइजिंग इंडस्ट्री और एनीमेशन आदि। अपनी इच्छा और रूचि के हिसाब से आप किसी भी क्षेत्र में जा सकते हैं।

ग्राफिक डिज़ाइनर का काम अपने ग्राहक के लिए ऐसे क्रिएटिव आईडिया को तैयार करना होता है, जो क्लाइंट के इंस्टिट्यूट, कंपनी या फिर बिजनेस को अलग पहचान दे। नए सॉफ्टवेयर की जानकारी, इंडस्ट्री के ट्रेंड्स की जानकारी और काम के प्रति लगन और काम को समय के साथ पूर्ण करना ये सब एक क्रिएटर में होना जरूरी है। सबसे महत्वपूर्ण बात क्रिएटिविटी के लिए कुछ नया करने का जुनून होना चाहिये। सबसे जरूरी बात एक ग्राफिक डिज़ाइनर के लिए यह है कि किसी भी तरह का डिज़ाइन बनाने के लिए सबसे पहले उसके दिमाग में एक विचार का जन्म लेना बहुत जरूरी है, जैसे कि हमें उस ग्राफ़िक्स या डिजाईन के द्वारा क्या बताना है या क्या संदेश देना है। इसमें अपनी कल्पना शक्ति का पूरा प्रयोग करना होता है। ग्राफिक डिजाइन के क्षेत्र में आज तमाम तरह के कोर्स मौजूद हैं। ग्रेजुएट और पोस्‍ट-ग्रेजुएट के अलावा भी कई डिप्लोमा एवं पीजी डिप्लोमा कोर्स ग्राफिक डिजाइनिंग में कराए जाते हैं।

ग्राफिक डिजाइनिंग में कोर्स जैसे बैचलर इन फाइन आर्ट्स, पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन डिजाइन, ग्रेजुएट डिप्लोमा इन डिजाइन, विजुअल कम्युनिकेशन डिजाइन एडवरटाइजिंग होते हैं। ग्लोबलाइजेशन के मौजूदा दौर में इस क्षेत्र में रोजगार की बेहतर संभावनाएं हैं। सभी छोटे-बड़े संस्थान अपने लिए विजुअल ब्रांड तैयार करवाते हैं। ग्राफिक डिजाइनिंग में कलर कॉम्बिनेशन का भी बहुत अहम रोल होता है। फॉन्ट साइज क्या होगा, कलर क्या होगा और साथ ही साथ ब्राइटनेस का भी ध्यान देना पड़ता है। ग्राफिक को सही डिज़ाइन करने के लिए सही सॉफ्टवेयर का ज्ञान होना ज़रूरी है। ऑनलाइन मीडिया या किसी भी प्रोडक्ट, कंपनी ब्रांडिंग में सबसे महत्व होता है वर्चुअल प्रेज़ेन्टेशन का, बेहतर क्रिएटिविटी का, यह काम बेहतर डिज़ाइनर ही कर सकता है।

ग्राफ़िक डिज़ाइन से आज हर कोई वाकिफ है। ग्राफ़िक डिज़ाइन का मतलब संचार से है, जिसमें आप अपनी बात लोगों को किसी चित्र, पोस्टर, कार्टून, चार्ट आदि के माध्यम से समझा सकते हैं। इसमें व्यवसाय की अपार संभावनाएं हैं। यह संचार का तरीका आज के युग में बहुत अधिक प्रचलित है। इंटरनेट के समय में हम अपना भविष्य इसमें तलाश सकते हैं। क्योंकि आजकल प्रत्येक व्यवसाय को ग्राफ़िक डिज़ाइनर की जरूरत पड़ती है। अगर आप में ये काबिलियत है तो आप इस क्षेत्र में जा सकते हैं। इसमें घर बैठ कर भी बिजनेस कर सकते हैं। घर से ही कई छोटे-छोटे बिजनेस विचारों को बना सकते हैं। भिन्न-भिन्न प्रकार के व्यवसायों को नया आयाम देने के लिए, बिज़नेस में लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने अनेक योजनाएं बनायी हैं, जैसे प्रधानमंत्री एम्प्लॉयमेंट प्रोग्राम, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, स्टार्ट-अप योजना आदि। इन सब योजनाओं में बिजनेस के लिए बैंक लोन की भी व्यवस्था की गयी है। विज़ुअल और ग्राफिक-आर्ट इन दिनों बहुत प्रचलन में हैं, इसलिए इसकी मांग बहुत ज्यादा है। ग्राफिक डिजाइनर्स को वेबसाइट, एडवरटाइजिंग एजेंसी, किताबें, पत्रिकाएं, पोस्टर्स, कम्प्यूटर गेम्स, प्रोडक्ट पैकिजिंग, कॉर्पोरेट कम्यूनिकेशन, कॉर्पोरेट आइडेंडिटी में अच्छी सैलरी के साथ काम मिल जाता है। ग्राफिक डिजाइनिंग में आपको इमेज, टेक्स्ट को एक साथ मिलाकर एक क्रिएटिव ग्राफ़िक्स को उपयोगकर्ता तक पहुँचाना होता है। इस काम को आप घर बैठे भी आराम से कर सकते हैं। इसमें बहुत सारे विकल्प होते हैं। इसमें भी काम करने के लिए बहुत सारे क्षेत्र हैं । जैसे वेब डेवलपमेंट, प्रिंट पब्लिकेशन, सोशल मीडिया, कंपनी ब्रांडिंग, टीवी इंडस्ट्री, एडवरटाइजिंग इंडस्ट्री और एनीमेशन आदि। अपनी इच्छा और रूचि के हिसाब से आप किसी भी क्षेत्र में जा सकते हैं।

ग्राफिक डिज़ाइनर का काम अपने ग्राहक के लिए ऐसे क्रिएटिव आईडिया को तैयार करना होता है, जो क्लाइंट के इंस्टिट्यूट, कंपनी या फिर बिजनेस को अलग पहचान दे। नए सॉफ्टवेयर की जानकारी, इंडस्ट्री के ट्रेंड्स की जानकारी और काम के प्रति लगन और काम को समय के साथ पूर्ण करना ये सब एक क्रिएटर में होना जरूरी है। सबसे महत्वपूर्ण बात क्रिएटिविटी के लिए कुछ नया करने का जुनून होना चाहिये। सबसे जरूरी बात एक ग्राफिक डिज़ाइनर के लिए यह है कि किसी भी तरह का डिज़ाइन बनाने के लिए सबसे पहले उसके दिमाग में एक विचार का जन्म लेना बहुत जरूरी है, जैसे कि हमें उस ग्राफ़िक्स या डिजाईन के द्वारा क्या बताना है या क्या संदेश देना है। इसमें अपनी कल्पना शक्ति का पूरा प्रयोग करना होता है। ग्राफिक डिजाइन के क्षेत्र में आज तमाम तरह के कोर्स मौजूद हैं। ग्रेजुएट और पोस्‍ट-ग्रेजुएट के अलावा भी कई डिप्लोमा एवं पीजी डिप्लोमा कोर्स ग्राफिक डिजाइनिंग में कराए जाते हैं।

ग्राफिक डिजाइनिंग में कोर्स जैसे बैचलर इन फाइन आर्ट्स, पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन डिजाइन, ग्रेजुएट डिप्लोमा इन डिजाइन, विजुअल कम्युनिकेशन डिजाइन एडवरटाइजिंग होते हैं। ग्लोबलाइजेशन के मौजूदा दौर में इस क्षेत्र में रोजगार की बेहतर संभावनाएं हैं। सभी छोटे-बड़े संस्थान अपने लिए विजुअल ब्रांड तैयार करवाते हैं। ग्राफिक डिजाइनिंग में कलर कॉम्बिनेशन का भी बहुत अहम रोल होता है। फॉन्ट साइज क्या होगा, कलर क्या होगा और साथ ही साथ ब्राइटनेस का भी ध्यान देना पड़ता है। ग्राफिक को सही डिज़ाइन करने के लिए सही सॉफ्टवेयर का ज्ञान होना ज़रूरी है। ऑनलाइन मीडिया या किसी भी प्रोडक्ट, कंपनी ब्रांडिंग में सबसे महत्व होता है वर्चुअल प्रेज़ेन्टेशन का, बेहतर क्रिएटिविटी का, यह काम बेहतर डिज़ाइनर ही कर सकता है।