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सारी समस्याओं का हल गूगल

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सारी समस्याओं का हल गूगल

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ग्लोबल की परिभाषा गूगल, दुनिया भर के लोगों के सवालों का जवाब अकेले देने में सक्षम है। गूगल जीवन का हिस्सा बन चुका है। इतना सरल और स्पष्ट जानकरी हमें देकर वह हमें सेकंड में किसी चीज़ के बारे में अज्ञानी से ज्ञानी बना देता है। ज्ञान का भंडार जिसमें दुनिया से लेकर अंतरिक्ष तक सारी जानकारियां उपलब्ध हैं। आज गूगल 23 साल को हो गया, जिसके बारे में जानने के लिए भी हम आज गूगल ही करने वाले हैं और यही बात गूगल को अन्य सर्च इंजन से अलग बनाती है।

बचपन में हम ढेर सारे सावल पूछा करते थे, जैसे मम्मी ये सूरज दिन में क्यों दिखाई देता है, रात में क्यों नहीं? जिसका जबाव हमें अपने माता-पिता से मिलता था। लेकिन जब माँ-बाप को जवाब नहीं पता होता था, तब वह बच्चों को बहला-फुसला देते थे। लेकिन आज हमारे पास हर सवाल का जवाब है - गूगल। इंटरनेट की दुनिया में गूगल अहम योगदान देते हुए, हर तरह के सवाल का जवाब सेकंड में उपलब्ध कराता है। आज उसी गूगल का जन्मदिन है, जो वह खुद डूडल के माध्यम से लोगों को इस बात की याद दिला रहा है। गूगल एक सर्च इंजन है, जिस पर आप मोबाइल या लैपटॉप के ज़रिये कोई भी निजी जानकारी के अलावा कोई भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। गूगल पर अथाह जानकारी उपलब्ध है। आपकी सोच से परे ऐसी कोई जानकारी नहीं जिसके बारे में आपको पता न चल सके। गूगल ने हमारे जीवन को कितना सरल कर दिया है।

बिना गूगल हम पहले कितने अज्ञान रहे होंगे और कितने परेशान रहे होंगे। मन में आये सवाल को यह सोचकर टाल देते थे, कि कुछ तो होगा ही। लेकिन ऐसा क्यों होगा यह नहीं जान पाते थे। मन में लेकिन एक झिझक लिए हुए हम कितने दिनों तक मस्तिष्क में बोझ लिए बैठे रहते थे। लेकिन जबसे हमारे जीवन में गूगल ने प्रवेश किया तब मालूम हुआ कि यह ज्ञान का भंडार जिसमें दुनिया से लेकर अंतरिक्ष तक सारे रहस्यमयी ज्ञान समाहित हैं, कितना सरल है यह।

जानकारी के अनेक साधन हैं, लेकिन कम समय में सरल और स्पष्ट जानकारी केवल गूगल दे सकता है। सोचिये अब गूगल के बारे में जानने के लिए भी हम गूगल की मदद लेते हैं। हम सभी के जीवन की छोटी से लेकर बड़ी तक हर प्रकार की मुसीबतों को दूर करने वाला गूगल 23 साल का हो गया, अभी वह पूरी तरह जवान और सक्रिय भी है। बढ़ती उम्र के साथ उसमें काफी बदलाव आये हैं। जिसमें सर्च करने के तरीके में बदलाव है। देश, विदेश का कोई भी व्यक्ति किसी भी भाषा में कोई भी जानकारी गूगल से ग्रहण कर सकता है। इसके साथ यदि किसी को लिखने में समस्या होती है, तो वह गूगल वॉइस अस्सिटेंट के ज़रिए अपने सवाल का जवाब पा सकता है। गूगल का एकमात्र उद्देश्य जानकारियों को एकत्रित कर उसे साधारण तरह से प्रस्तुत करना है, जिससे हर कोई उसका इस्तेमाल कर सके। गूगल एक सर्च करने वाले व्यक्ति की निजता को मद्देनज़र रखते हुए उसकी सुरक्षा का भी खास ख्याल रखता है।

आज तक हम गूगल से सारी जानकारियां प्राप्त कर सकते थे, लेकिन आज हम गूगल के बारे में जानेंगे जो शायद ही हमनें जानने कि कोशिश की होगी। गूगल का असली नाम गूगोल था, लेकिन बाद में गलत उच्चारण के कारण इसका नाम गूगल पड़ गया, जो अब हमारी ज़िन्दगी का हिस्सा बन चुका है। गूगल ने ही जीमेल और मैप की शुरूआत की, जिसने ज़िन्दगी और भी आसान बना दी है। गूगल ने हमारी ज़िंदगी को आसान बना दिया है, हम कुछ भी जान सकते हैं, कहीं भी जा सकते हैं, कुछ भी बना सकते हैं। 

गूगल है तो सब कुछ सम्भव है। हर वह जानकारी या हर वह चीज जिसके बारे में हम सोच सकते हैं... एक छोटे अणु से लेकर ब्लैक होल तक हर चीज़ के बारे में छोटी से लेकर बड़ी लगभग हर एक प्रकार की जानकारी गूगल पर सम्भव है। गूगल की शुरुआत आज ही के दिन 1998 में हुई थी। जिसकी शुरुआत लैरी पेज व सेर्गेरी ब्रिन ने की थी। जो कि स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के दो विद्यार्थी थे, जिन्होंने इतनी अमूल्य सुविधा को लोगों तक पहुंचाकर सभी के जीवन को सरल बना दिया। गूगल जितना प्रचलित है, उतना ही प्रचलित है इसके जन्मदिनों की तारीखों का बदलना जैसे 7 व 8 सितंबर के साथ साथ 26, 27 सितंबर को भी गूगल अपना जन्मदिन मना चुका है। हालांकि वर्ष 2006 के बाद से यह तारीख निश्चित कर दी गयी और अब हर वर्ष 27 सितंबर को है, जन्मदिन मनाने की तारीख निश्चित कर दी गई है। गूगल का हमारे देश भारत से एक खास प्रकार का जुड़ाव है, क्योंकि उसके सीईओ सुंदर पिचाई हमारे ही देश के निवासी हैं, जो कि इस वक्त उस औदे की शान बढ़ा रहे हैं और यह हमारे देशवासियों के लिए बहुत ही गर्व की बात है।

 

बचपन में हम ढेर सारे सावल पूछा करते थे, जैसे मम्मी ये सूरज दिन में क्यों दिखाई देता है, रात में क्यों नहीं? जिसका जबाव हमें अपने माता-पिता से मिलता था। लेकिन जब माँ-बाप को जवाब नहीं पता होता था, तब वह बच्चों को बहला-फुसला देते थे। लेकिन आज हमारे पास हर सवाल का जवाब है - गूगल। इंटरनेट की दुनिया में गूगल अहम योगदान देते हुए, हर तरह के सवाल का जवाब सेकंड में उपलब्ध कराता है। आज उसी गूगल का जन्मदिन है, जो वह खुद डूडल के माध्यम से लोगों को इस बात की याद दिला रहा है। गूगल एक सर्च इंजन है, जिस पर आप मोबाइल या लैपटॉप के ज़रिये कोई भी निजी जानकारी के अलावा कोई भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। गूगल पर अथाह जानकारी उपलब्ध है। आपकी सोच से परे ऐसी कोई जानकारी नहीं जिसके बारे में आपको पता न चल सके। गूगल ने हमारे जीवन को कितना सरल कर दिया है।

बिना गूगल हम पहले कितने अज्ञान रहे होंगे और कितने परेशान रहे होंगे। मन में आये सवाल को यह सोचकर टाल देते थे, कि कुछ तो होगा ही। लेकिन ऐसा क्यों होगा यह नहीं जान पाते थे। मन में लेकिन एक झिझक लिए हुए हम कितने दिनों तक मस्तिष्क में बोझ लिए बैठे रहते थे। लेकिन जबसे हमारे जीवन में गूगल ने प्रवेश किया तब मालूम हुआ कि यह ज्ञान का भंडार जिसमें दुनिया से लेकर अंतरिक्ष तक सारे रहस्यमयी ज्ञान समाहित हैं, कितना सरल है यह।

जानकारी के अनेक साधन हैं, लेकिन कम समय में सरल और स्पष्ट जानकारी केवल गूगल दे सकता है। सोचिये अब गूगल के बारे में जानने के लिए भी हम गूगल की मदद लेते हैं। हम सभी के जीवन की छोटी से लेकर बड़ी तक हर प्रकार की मुसीबतों को दूर करने वाला गूगल 23 साल का हो गया, अभी वह पूरी तरह जवान और सक्रिय भी है। बढ़ती उम्र के साथ उसमें काफी बदलाव आये हैं। जिसमें सर्च करने के तरीके में बदलाव है। देश, विदेश का कोई भी व्यक्ति किसी भी भाषा में कोई भी जानकारी गूगल से ग्रहण कर सकता है। इसके साथ यदि किसी को लिखने में समस्या होती है, तो वह गूगल वॉइस अस्सिटेंट के ज़रिए अपने सवाल का जवाब पा सकता है। गूगल का एकमात्र उद्देश्य जानकारियों को एकत्रित कर उसे साधारण तरह से प्रस्तुत करना है, जिससे हर कोई उसका इस्तेमाल कर सके। गूगल एक सर्च करने वाले व्यक्ति की निजता को मद्देनज़र रखते हुए उसकी सुरक्षा का भी खास ख्याल रखता है।

आज तक हम गूगल से सारी जानकारियां प्राप्त कर सकते थे, लेकिन आज हम गूगल के बारे में जानेंगे जो शायद ही हमनें जानने कि कोशिश की होगी। गूगल का असली नाम गूगोल था, लेकिन बाद में गलत उच्चारण के कारण इसका नाम गूगल पड़ गया, जो अब हमारी ज़िन्दगी का हिस्सा बन चुका है। गूगल ने ही जीमेल और मैप की शुरूआत की, जिसने ज़िन्दगी और भी आसान बना दी है। गूगल ने हमारी ज़िंदगी को आसान बना दिया है, हम कुछ भी जान सकते हैं, कहीं भी जा सकते हैं, कुछ भी बना सकते हैं। 

गूगल है तो सब कुछ सम्भव है। हर वह जानकारी या हर वह चीज जिसके बारे में हम सोच सकते हैं... एक छोटे अणु से लेकर ब्लैक होल तक हर चीज़ के बारे में छोटी से लेकर बड़ी लगभग हर एक प्रकार की जानकारी गूगल पर सम्भव है। गूगल की शुरुआत आज ही के दिन 1998 में हुई थी। जिसकी शुरुआत लैरी पेज व सेर्गेरी ब्रिन ने की थी। जो कि स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के दो विद्यार्थी थे, जिन्होंने इतनी अमूल्य सुविधा को लोगों तक पहुंचाकर सभी के जीवन को सरल बना दिया। गूगल जितना प्रचलित है, उतना ही प्रचलित है इसके जन्मदिनों की तारीखों का बदलना जैसे 7 व 8 सितंबर के साथ साथ 26, 27 सितंबर को भी गूगल अपना जन्मदिन मना चुका है। हालांकि वर्ष 2006 के बाद से यह तारीख निश्चित कर दी गयी और अब हर वर्ष 27 सितंबर को है, जन्मदिन मनाने की तारीख निश्चित कर दी गई है। गूगल का हमारे देश भारत से एक खास प्रकार का जुड़ाव है, क्योंकि उसके सीईओ सुंदर पिचाई हमारे ही देश के निवासी हैं, जो कि इस वक्त उस औदे की शान बढ़ा रहे हैं और यह हमारे देशवासियों के लिए बहुत ही गर्व की बात है।