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Success Personal Development

असफलता भी सफलता की ही सीढ़ी है 

Success Personal Development

असफलता भी सफलता की ही सीढ़ी है 

Post Highlights

आप हमेशा यह देखने का प्रयास करिये कि आप केवल आप क्यूँ सफल नहीं हुए क्यूंकि आपका सबसे बड़ा निंदक आप स्वयं होते हैं और जो प्रयास आप पिछली बार नहीं कर पाए उसे ध्यान में रखकर दोबारा प्रयास करिये, बिना यह सोचे कि दूसरे क्या प्रयास कर रहे हैं, अपने प्रयासों को सही दिशा दीजिये। महान वैज्ञानिक Thomas Addison ने बहुत सारी असफलताओं के बाद bulb का सफल आविष्कार दुनिया को दिया था और एक इंटरव्यू में कहा था कि- मैं कभी असफल नहीं हुआ बल्कि मैंने हर बार यह सीखा कि मुझे बल्ब बनाने के लिए कौन-कौन से तरीके नहीं प्रयोग करने हैं। 

हमारे जीवन में ऐसे कई क्षण आते हैं जब हम असफल होते हैं, कभी जीवन की किसी परीक्षा में तो कभी जीवन में आई विभिन्न परिस्थियों में। चाहे जो भी बात हो, महत्वपूर्ण यह है कि हमें कभी भी हार नही माननी चाहिए बल्कि यह सोचने कि ओर खुद को प्रेरित करना चाहिए कि हमारे हारने कि वजह क्या थी क्यूंकि यही वो जगह है जहाँ हम गलती करते है। हम हमेशा खुद को दूसरों के साथ तोलने के लिए मजबूर करते हैं। स्वयं का आँकलन करना अच्छा है पर हमेशा यह देखना कि दूसरे क्यूँ सफल हुए और मैं ही क्यूँ असफल हूँ? यह सोचना गलत है। आप हमेशा यह देखने का प्रयास करिये कि आप, केवल आप क्यूँ सफल नहीं हुए क्यूंकि आपका सबसे बड़ा निंदक आप स्वयं होते हैं और जो प्रयास आप पिछली बार नहीं कर पाए उसे ध्यान में रखकर दोबारा प्रयास करिये, बिना यह सोचे कि दूसरे क्या प्रयास कर रहे हैं, अपने प्रयासों को सही दिशा दीजिये। महान वैज्ञानिक Thomas Addison ने बहुत सारी असफलताओं के बाद Bulb का सफल आविष्कार दुनिया को दिया था और एक इंटरव्यू में कहा था कि मैं कभी असफल नहीं हुआ बल्कि मैंने हर बार यह सीखा कि मुझे बल्ब बनाने के लिए कौन-कौन से तरीके नहीं प्रयोग करने हैं।

1. असम्भव कुछ भी नहीं impossible is 'I am possible ''

यह हो सकता है कि आपको पहली बार में किसी कार्य में सफलता ना मिले तो मन चिंतित तो होता ही है, किन्तु आपको हताश हुए बिना फ़िर से एक और कोशिश में लग जाना है। विश्व में और न जाने कितने किस्से-कहानियों में ऐसे कई उदाहरण हैं जहाँ दिखता है कई लोगों ने ऐसे स्वप्न देखे जिस पर किसी को विश्वास नहीं। क्या उन लोगों ने वह स्वप्न देखना ही छोड़ दिया? सिर्फ इसलिए कि बाकियों को उनके सपनों पर, उनकी महत्वकांक्षाओं पर विश्वास नहीं था। उनके लिए इतना काफी था - उनका आत्मविश्वास। झाँसी की महारानी लक्ष्मीबाई Laxmi Bai, Abraham Lincoln, Marco Polo, सम्राट अशोक Samrat Ashok, The Great Alexander, Nelson Mandela, Shivaji Maharaj, Albert Einstein, ऐसे ना जाने लोग कितनी बार असफल हुए लेकिन अगर एक बार भी अपने अनगिनत प्रयासों के बीच खुद को असफल माना होता तो शायद इनका नाम भी हमें पता ना होता। 

2. आत्मपरीक्षण है ज़रूरी 

अगर आप किसी कार्य में असफ़ल हो रहें हैं तो कृपया यह भी समझने का प्रयास करें कि आपके असफ़ल होने के क्या कारण हो सकतें हैं? ऐसे कौन से कारण हो सकतें हैं उसे समझने का प्रयास करें। अपने किये गए कार्यों को बार-बार देखें, समझें और स्वयं विश्लेषण करें क्यूंकि सफ़लता कोई भ्रम नहीं होता, ना ही सफल व्यक्ति बहुत विशेष होते हैं। यह हममें से ही एक होते हैं बस अंतर यह है कि स्वयं के किये कार्यों पर नहीं हार मानी और ना ही अपने प्रयासों को हर बार सुधारने में पीछे रहे। 

3. पूर्ण समर्पण है ज़रूरी 

किसी भी कार्य को आधे मन से किया जाए तो परिणाम भी आधा ही होता है। यदि आप किसी कार्य को करना चाहते हैं तो उसके लिए पूरा समर्पण का संकल्प सबसे पहले स्वयं से लें। उसके लिए खुद में तीन बातें लाएं -अनुशासन, दृढ़निश्चय और एकाग्रता। 

4. लगातार प्रयासरत रहे 

आप अपनी कोशिश में ईमानदार रहें क्यूंकि एक ईमानदार कोशिश कभी भी असफ़ल नहीं होती। हो सकता है कि आपको मनचाहा परिणाम मिलने में देर हो लेकिन यह अवश्य ही अपनी सूझ-बूझ से आँकलन करते रहें कि आप किस हद तक अपने लक्ष्य तक पहुंचे हैं क्यूँकि कभी-कभी अत्यधिक मेहनत से अधिक उपयोगी होती है -बुद्धिमता। 

5. सकारात्मक रहें और मानसिक संयम रखें 

जब किसी कार्य से जुड़ी सफलता नहीं मिलती तो हम हताशा में चले जाते हैं। ऐसा करने से ना तो हम अपने उस कार्य पर ध्यान दे पाते हैं ना ही खुद पर संयम रख पाते हैं। सफलता से अधिक आवश्यक है असफलता को स्वीकार करना। इसलिए यह समझना आवश्यक है कि पहले से नतीजों की अपेक्षा ना करें, आप केवल खुद को सकारात्मक रखकर अपने प्रयासों में लगे रहें। 

6. ना भूलें स्वयं को

सफल होने की होड़ में इतना अधिक लग जाना कि स्वयं को भी भूल जाना अच्छा तो है किन्तु स्वास्थ्यवर्धक नहीं। अपनी प्रसन्नता के लिए अपने जीवन में एक समय अपनी पसंद के क्रियाकलापों को भी दें जैसे-खेलकूद, संगीत, चित्रकारी या फिर अपनी पसंद का कोई कार्य। इससे आप स्वयं के प्रति सकारत्मक रहेंगें और वापस से दुगनी ऊर्जा से अपने प्रयासों में आगे बढ़ेंगें। 

7. नकारत्मकता और नतीजों के भ्रम से बचें 

असफल होना आपको हमेशा यह बताता है शायद अभी और प्रयास करने बाकी है और आप हर बार पिछली गलतियों को ध्यान में रखकर आगे बढ़ने का अवसर मिलता है। परिणाम चाहे जो हो लेकिन तरह-तरह की नकारत्मक बातों से खुद को बचाएं। आपके नियंत्रण में केवल प्रयास है तो उसके प्रति सकरात्मक रहें। 

प्रसिद्ध भारतीय कवि सोहनलाल द्रिवेदी Sohan Lal Dwivedi की कविता की कुछ पंक्तियाँ बेहद प्रेरणादाई हैं -

लहरों से डर कर नौका पार नहीं होती

कोशिश करने वालों की हार नहीं होती

असफलता एक चुनौती है, स्वीकार करो

क्या कमी रह गई, देखो और सुधार करो

जब तक न सफल हो, नींद चैन को त्यागो तुम

संघर्ष का मैदान छोड़ मत भागो तुम

कुछ किये बिना ही जय जयकार नहीं होती

कोशिश करने वालों की हार नहीं होती

हमारे जीवन में ऐसे कई क्षण आते हैं जब हम असफल होते हैं, कभी जीवन की किसी परीक्षा में तो कभी जीवन में आई विभिन्न परिस्थियों में। चाहे जो भी बात हो, महत्वपूर्ण यह है कि हमें कभी भी हार नही माननी चाहिए बल्कि यह सोचने कि ओर खुद को प्रेरित करना चाहिए कि हमारे हारने कि वजह क्या थी क्यूंकि यही वो जगह है जहाँ हम गलती करते है। हम हमेशा खुद को दूसरों के साथ तोलने के लिए मजबूर करते हैं। स्वयं का आँकलन करना अच्छा है पर हमेशा यह देखना कि दूसरे क्यूँ सफल हुए और मैं ही क्यूँ असफल हूँ? यह सोचना गलत है। आप हमेशा यह देखने का प्रयास करिये कि आप, केवल आप क्यूँ सफल नहीं हुए क्यूंकि आपका सबसे बड़ा निंदक आप स्वयं होते हैं और जो प्रयास आप पिछली बार नहीं कर पाए उसे ध्यान में रखकर दोबारा प्रयास करिये, बिना यह सोचे कि दूसरे क्या प्रयास कर रहे हैं, अपने प्रयासों को सही दिशा दीजिये। महान वैज्ञानिक Thomas Addison ने बहुत सारी असफलताओं के बाद Bulb का सफल आविष्कार दुनिया को दिया था और एक इंटरव्यू में कहा था कि मैं कभी असफल नहीं हुआ बल्कि मैंने हर बार यह सीखा कि मुझे बल्ब बनाने के लिए कौन-कौन से तरीके नहीं प्रयोग करने हैं।

1. असम्भव कुछ भी नहीं impossible is 'I am possible ''

यह हो सकता है कि आपको पहली बार में किसी कार्य में सफलता ना मिले तो मन चिंतित तो होता ही है, किन्तु आपको हताश हुए बिना फ़िर से एक और कोशिश में लग जाना है। विश्व में और न जाने कितने किस्से-कहानियों में ऐसे कई उदाहरण हैं जहाँ दिखता है कई लोगों ने ऐसे स्वप्न देखे जिस पर किसी को विश्वास नहीं। क्या उन लोगों ने वह स्वप्न देखना ही छोड़ दिया? सिर्फ इसलिए कि बाकियों को उनके सपनों पर, उनकी महत्वकांक्षाओं पर विश्वास नहीं था। उनके लिए इतना काफी था - उनका आत्मविश्वास। झाँसी की महारानी लक्ष्मीबाई Laxmi Bai, Abraham Lincoln, Marco Polo, सम्राट अशोक Samrat Ashok, The Great Alexander, Nelson Mandela, Shivaji Maharaj, Albert Einstein, ऐसे ना जाने लोग कितनी बार असफल हुए लेकिन अगर एक बार भी अपने अनगिनत प्रयासों के बीच खुद को असफल माना होता तो शायद इनका नाम भी हमें पता ना होता। 

2. आत्मपरीक्षण है ज़रूरी 

अगर आप किसी कार्य में असफ़ल हो रहें हैं तो कृपया यह भी समझने का प्रयास करें कि आपके असफ़ल होने के क्या कारण हो सकतें हैं? ऐसे कौन से कारण हो सकतें हैं उसे समझने का प्रयास करें। अपने किये गए कार्यों को बार-बार देखें, समझें और स्वयं विश्लेषण करें क्यूंकि सफ़लता कोई भ्रम नहीं होता, ना ही सफल व्यक्ति बहुत विशेष होते हैं। यह हममें से ही एक होते हैं बस अंतर यह है कि स्वयं के किये कार्यों पर नहीं हार मानी और ना ही अपने प्रयासों को हर बार सुधारने में पीछे रहे। 

3. पूर्ण समर्पण है ज़रूरी 

किसी भी कार्य को आधे मन से किया जाए तो परिणाम भी आधा ही होता है। यदि आप किसी कार्य को करना चाहते हैं तो उसके लिए पूरा समर्पण का संकल्प सबसे पहले स्वयं से लें। उसके लिए खुद में तीन बातें लाएं -अनुशासन, दृढ़निश्चय और एकाग्रता। 

4. लगातार प्रयासरत रहे 

आप अपनी कोशिश में ईमानदार रहें क्यूंकि एक ईमानदार कोशिश कभी भी असफ़ल नहीं होती। हो सकता है कि आपको मनचाहा परिणाम मिलने में देर हो लेकिन यह अवश्य ही अपनी सूझ-बूझ से आँकलन करते रहें कि आप किस हद तक अपने लक्ष्य तक पहुंचे हैं क्यूँकि कभी-कभी अत्यधिक मेहनत से अधिक उपयोगी होती है -बुद्धिमता। 

5. सकारात्मक रहें और मानसिक संयम रखें 

जब किसी कार्य से जुड़ी सफलता नहीं मिलती तो हम हताशा में चले जाते हैं। ऐसा करने से ना तो हम अपने उस कार्य पर ध्यान दे पाते हैं ना ही खुद पर संयम रख पाते हैं। सफलता से अधिक आवश्यक है असफलता को स्वीकार करना। इसलिए यह समझना आवश्यक है कि पहले से नतीजों की अपेक्षा ना करें, आप केवल खुद को सकारात्मक रखकर अपने प्रयासों में लगे रहें। 

6. ना भूलें स्वयं को

सफल होने की होड़ में इतना अधिक लग जाना कि स्वयं को भी भूल जाना अच्छा तो है किन्तु स्वास्थ्यवर्धक नहीं। अपनी प्रसन्नता के लिए अपने जीवन में एक समय अपनी पसंद के क्रियाकलापों को भी दें जैसे-खेलकूद, संगीत, चित्रकारी या फिर अपनी पसंद का कोई कार्य। इससे आप स्वयं के प्रति सकारत्मक रहेंगें और वापस से दुगनी ऊर्जा से अपने प्रयासों में आगे बढ़ेंगें। 

7. नकारत्मकता और नतीजों के भ्रम से बचें 

असफल होना आपको हमेशा यह बताता है शायद अभी और प्रयास करने बाकी है और आप हर बार पिछली गलतियों को ध्यान में रखकर आगे बढ़ने का अवसर मिलता है। परिणाम चाहे जो हो लेकिन तरह-तरह की नकारत्मक बातों से खुद को बचाएं। आपके नियंत्रण में केवल प्रयास है तो उसके प्रति सकरात्मक रहें। 

प्रसिद्ध भारतीय कवि सोहनलाल द्रिवेदी Sohan Lal Dwivedi की कविता की कुछ पंक्तियाँ बेहद प्रेरणादाई हैं -

लहरों से डर कर नौका पार नहीं होती

कोशिश करने वालों की हार नहीं होती

असफलता एक चुनौती है, स्वीकार करो

क्या कमी रह गई, देखो और सुधार करो

जब तक न सफल हो, नींद चैन को त्यागो तुम

संघर्ष का मैदान छोड़ मत भागो तुम

कुछ किये बिना ही जय जयकार नहीं होती

कोशिश करने वालों की हार नहीं होती

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