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Synergy Mindset

क्या power corrupt करती है ?

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क्या power corrupt करती है ?

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ताकत Power एकदम न्यूट्रल है, एक अच्छे इंसान के हाथों में वो एक वरदान साबित होगी, जबकि एक बुरे इंसान जिसका अवचेतन नकारात्मकताओं से भरा हुआ है के हाथों में वो अभिशाप बन सकती है ,और बनेगी ही।

दुनिया में हर आदमी ताकतवर होना चाहता है, ये बिलकुल स्वाभाविक है। पर हम अक्सर देखते है कि पावरफुल लोग powerful people भ्रष्ट हो जाते हैं। लोगों में ये आम  धारणा बन गयी है कि सफलता के साथ भृष्टाचार Corruption आता है। ताकत ही व्यक्ति में बुराई, पैदा करती है, उसे भ्रष्ट कर देती है। पर ये विचार बिलकुल भी सही नहीं है।

यह ताक़त नहीं है जो इंसान को भ्रष्ट करती है, इंसान स्वयं में भ्रष्ट है, भ्रष्टाचार उसके अंदर ही है। ताक़त, तो आपको आप जो करना चाहते हैं उसके अवसर प्रदान करती है। power जब एक स्वामी विवेकानंद Swami Vivekananda जैसे व्यक्तित्व के हाथों में होती है तो वो सम्पूर्ण मानवता all humanity का कल्याण करती है ,उदारता, प्रेम, कर्तव्यनिष्ठा के नए प्रतिमान गढ़ती है। वहीँ अगर ये हिटलर Hitler जैसे व्यक्ति के हाथों में जाती है, तो एक पूरी नस्ल की बर्बादी का पर्याय बनती है, लाखों लोगों को मौत के घाट उतरती है और सम्पूर्ण मानवता के इतिहास में भय और त्रासदी भर के एक दर्द दे कर जाती है। ये ताकत नहीं थी जिसने हिटलर में सब गलत करने की इच्छा पैदा की थी, उसमें यह सब पहले से ही था। ये ऐसा ही है जैसे बरसात आती है और धरती पर तमाम पौधों पर एक साथ पड़ती है, पर अलग-अलग पौधों में अलग-अलग तरह के फूल खिलते हैं, जो सम्भावनायें उसके बीज में है, वो वही पनपाता है।

ज्यादातर लोग इतनी अचेतन अवस्था unconscious state में जीवन जीते हैं कि जब वो पावर में आते है, तो अपनी सारी अचेतन वृत्तियों को पूरा करने, साकार करने का एक  मौका मिल जाता है। वे इस बात की परवाह बिलकुल भी नहीं करते हैं कि उनकी वजह से लोग मर रहे हैं या उनकी ज़िंदगियाँ नर्क के समान हो रही हैं। 

हम सभी अपनी जिंदगी का एक बड़ा हिस्सा अपने बच्चों को शिक्षित करने में लगा देते है, बिना ये सोचे कि उस शिक्षा के द्वारा उन्हें एक बेहतर इंसान better person बनने की ओर अग्रसर कर पा रही है? हमें अपने और उस बच्चे के मूल्यवान समय में से कुछ समय बच्चों के अवचेतन को साफ़ करने clear the subconscious में लगाना चाहिए। ये बच्चे आगे बढ़ेंगे, उच्च शिक्षा प्राप्त करेंगे, उनमें से कोई कमिश्नर commissioner, गवर्नर governor, डॉक्टर या राजनेता, doctor or politician बनेगा। अगर उसके अवचेतन में कुछ भी ज़हरीला, विध्वंसक नहीं होगा, तो वो अपनी ताकत का गलत इस्तेमाल कभी नहीं करेगा। 

ताकत एकदम न्यूट्रल neutral है, एक अच्छे इंसान के हाथों में वो एक वरदान साबित होगी, जबकि एक बुरे इंसान जिसका अवचेतन नकारात्मकताओं से भरा हुआ है के हाथों में वो अभिशाप बन सकती है, और बनेगी ही। 

पर हमने हमेशा से ताकत को ही गलत ठहराया है, बिना ये सोचे-समझे कि हमें लोगों की भद्दी मनोवृत्तियों को साफ़ करना चाहिए जो कि उनके अपने अंदर ही निहित है। हमें एक और बात समझना भी जरूरी है कि, हर किसी के पास किसी न किसी स्तर पर, किसी न किसी तरह की पावर होती ही है। आप क्या हैं किस जगह पर हैं ये मायने नहीं रखता है, आपके पास किसी न किसी तरह की ताकत हमेशा रहती है। इस पर गंभीरता से सोचे। चाहे आप एक बस के ड्राइवर हों ,ऑफिस में काम करने वाले क्लर्क हों। माता ,पिता ,पति-पत्नी, शिक्षक, सभी पावर का प्रयोग करते हैं। आप किसी के हाथों से पावर ले नहीं सकते सिर्फ एक ही तरीका है कि आप उनके अवचेतन को साफ़ करें, उसके लिए मेडिटेशन Meditation सबसे अच्छा तरीका हो सकता है जो आपकी अंतरात्मा को प्रकाशित करता है। तब ताकत का गलत प्रयोग नहीं होगा, वो भ्रष्ट नहीं होगी। वो बारिश की तरह इंसानी पौधों पर बरसती तो रहेगी पर तब उसमें भ्रष्टता के फूल नहीं खिलेंगे और उसका गलत इस्तेमाल नहीं हो पायेगा। तब ये कुछ ऐसा करेगी जिससे ये दुनिया, लोगों का जीवन और अधिक प्यार से भर उठेगा। लोगों का अस्तित्व और अधिक खूबसूरत, रचनात्मक, उत्पादक beautiful, creative, productive बनेगा और हम जिस आदर्श समाज ideal society की कल्पना करते हैं, वो वास्तविकता में साकार हो पायेगा। ये असंभव नहीं है, बस हमें और अधिक जागरूक, सचेतन और आध्यात्मिक होना पड़ेगा ताकि हम स्वयं के साथ-साथ दूसरों के अवचेतन की ज़हरीली वृत्तियों को साफ़ कर सकें।

दुनिया में हर आदमी ताकतवर होना चाहता है, ये बिलकुल स्वाभाविक है। पर हम अक्सर देखते है कि पावरफुल लोग powerful people भ्रष्ट हो जाते हैं। लोगों में ये आम  धारणा बन गयी है कि सफलता के साथ भृष्टाचार Corruption आता है। ताकत ही व्यक्ति में बुराई, पैदा करती है, उसे भ्रष्ट कर देती है। पर ये विचार बिलकुल भी सही नहीं है।

यह ताक़त नहीं है जो इंसान को भ्रष्ट करती है, इंसान स्वयं में भ्रष्ट है, भ्रष्टाचार उसके अंदर ही है। ताक़त, तो आपको आप जो करना चाहते हैं उसके अवसर प्रदान करती है। power जब एक स्वामी विवेकानंद Swami Vivekananda जैसे व्यक्तित्व के हाथों में होती है तो वो सम्पूर्ण मानवता all humanity का कल्याण करती है ,उदारता, प्रेम, कर्तव्यनिष्ठा के नए प्रतिमान गढ़ती है। वहीँ अगर ये हिटलर Hitler जैसे व्यक्ति के हाथों में जाती है, तो एक पूरी नस्ल की बर्बादी का पर्याय बनती है, लाखों लोगों को मौत के घाट उतरती है और सम्पूर्ण मानवता के इतिहास में भय और त्रासदी भर के एक दर्द दे कर जाती है। ये ताकत नहीं थी जिसने हिटलर में सब गलत करने की इच्छा पैदा की थी, उसमें यह सब पहले से ही था। ये ऐसा ही है जैसे बरसात आती है और धरती पर तमाम पौधों पर एक साथ पड़ती है, पर अलग-अलग पौधों में अलग-अलग तरह के फूल खिलते हैं, जो सम्भावनायें उसके बीज में है, वो वही पनपाता है।

ज्यादातर लोग इतनी अचेतन अवस्था unconscious state में जीवन जीते हैं कि जब वो पावर में आते है, तो अपनी सारी अचेतन वृत्तियों को पूरा करने, साकार करने का एक  मौका मिल जाता है। वे इस बात की परवाह बिलकुल भी नहीं करते हैं कि उनकी वजह से लोग मर रहे हैं या उनकी ज़िंदगियाँ नर्क के समान हो रही हैं। 

हम सभी अपनी जिंदगी का एक बड़ा हिस्सा अपने बच्चों को शिक्षित करने में लगा देते है, बिना ये सोचे कि उस शिक्षा के द्वारा उन्हें एक बेहतर इंसान better person बनने की ओर अग्रसर कर पा रही है? हमें अपने और उस बच्चे के मूल्यवान समय में से कुछ समय बच्चों के अवचेतन को साफ़ करने clear the subconscious में लगाना चाहिए। ये बच्चे आगे बढ़ेंगे, उच्च शिक्षा प्राप्त करेंगे, उनमें से कोई कमिश्नर commissioner, गवर्नर governor, डॉक्टर या राजनेता, doctor or politician बनेगा। अगर उसके अवचेतन में कुछ भी ज़हरीला, विध्वंसक नहीं होगा, तो वो अपनी ताकत का गलत इस्तेमाल कभी नहीं करेगा। 

ताकत एकदम न्यूट्रल neutral है, एक अच्छे इंसान के हाथों में वो एक वरदान साबित होगी, जबकि एक बुरे इंसान जिसका अवचेतन नकारात्मकताओं से भरा हुआ है के हाथों में वो अभिशाप बन सकती है, और बनेगी ही। 

पर हमने हमेशा से ताकत को ही गलत ठहराया है, बिना ये सोचे-समझे कि हमें लोगों की भद्दी मनोवृत्तियों को साफ़ करना चाहिए जो कि उनके अपने अंदर ही निहित है। हमें एक और बात समझना भी जरूरी है कि, हर किसी के पास किसी न किसी स्तर पर, किसी न किसी तरह की पावर होती ही है। आप क्या हैं किस जगह पर हैं ये मायने नहीं रखता है, आपके पास किसी न किसी तरह की ताकत हमेशा रहती है। इस पर गंभीरता से सोचे। चाहे आप एक बस के ड्राइवर हों ,ऑफिस में काम करने वाले क्लर्क हों। माता ,पिता ,पति-पत्नी, शिक्षक, सभी पावर का प्रयोग करते हैं। आप किसी के हाथों से पावर ले नहीं सकते सिर्फ एक ही तरीका है कि आप उनके अवचेतन को साफ़ करें, उसके लिए मेडिटेशन Meditation सबसे अच्छा तरीका हो सकता है जो आपकी अंतरात्मा को प्रकाशित करता है। तब ताकत का गलत प्रयोग नहीं होगा, वो भ्रष्ट नहीं होगी। वो बारिश की तरह इंसानी पौधों पर बरसती तो रहेगी पर तब उसमें भ्रष्टता के फूल नहीं खिलेंगे और उसका गलत इस्तेमाल नहीं हो पायेगा। तब ये कुछ ऐसा करेगी जिससे ये दुनिया, लोगों का जीवन और अधिक प्यार से भर उठेगा। लोगों का अस्तित्व और अधिक खूबसूरत, रचनात्मक, उत्पादक beautiful, creative, productive बनेगा और हम जिस आदर्श समाज ideal society की कल्पना करते हैं, वो वास्तविकता में साकार हो पायेगा। ये असंभव नहीं है, बस हमें और अधिक जागरूक, सचेतन और आध्यात्मिक होना पड़ेगा ताकि हम स्वयं के साथ-साथ दूसरों के अवचेतन की ज़हरीली वृत्तियों को साफ़ कर सकें।

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