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क्या डील्स एंड डिस्काउंट्स से बढ़ती है ग्राहकों की वफादारी

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क्या डील्स एंड डिस्काउंट्स से बढ़ती है ग्राहकों की वफादारी

Post Highlights

आज हम आपको इस लेख के माध्यम से बताने वाले हैं कि, जो लॉयल्टी प्रोग्राम्स Loyalty Programs कंपनियां चलाती हैं, क्या उससे ग्राहक हमेशा कंपनी के वफादार बने रहते हैं ? आइए जानते हैं क्या है पूरा माजरा।

ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए कई कंपनियां ग्राहकों को बड़े लुभावने ऑफर और डिस्काउंट्स Offers/Deals/ Discounts देती है, क्या यह ऑफर वाकई काम करते हैं। कई बार यह डिस्काउंट संस्थाओं पर भारी भी पड़ जाते हैं और कई बार इसका बड़ा फायदा कंपनियों को होता है। फायदे और नुकसान के बीच सभी कंपनियां इस तरह के डिस्काउंट या डील्स ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए इस्तेमाल में लाती हैं। जिसे लॉयल्टी प्रोग्राम्स  Loyalty Programs भी कहा जाता है। आज हम आपको इस लेख के माध्यम से बताने वाले हैं कि, जो लॉयल्टी प्रोग्राम्स कंपनियां चलाती हैं, उससे ग्राहक हमेशा कंपनी के वफादार बने रहते हैं, आइए जानते हैं क्या है पूरा माजरा।

लॉयल्टी प्रोग्राम कैसे काम करता है?

लॉयल्टी प्रोग्राम यानी कि ग्राहकों को बनाए रखने की इस प्रक्रिया में कई तरह के डिस्काउंट्स और डील्स दिए जाते हैं। ऐसे में ग्राहकों को जरूरी ग्राहक यानी VIP माना जाता है। इस नजरिए से लॉयल्टी प्रोग्राम, ग्राहकों को आप के उत्पाद और सेवाओं को बेचने का एक प्रभावी तरीका है। अलग-अलग कंपनियां इस तरह के लॉयल्टी प्रोग्राम अपने ग्राहकों के लिए चलाती हैं और सभी कंपनियों के ऑफर और डील्स अलग-अलग होते हैं। उदाहरण के रूप में समझा जाए तो, कई बार आपने देखा होगा कि, एक सामान खरीदने पर दो सामान फ्री देने की बातें की जाती है या फिर किसी सामान के खरीदने पर 500 रुपए की छूट दी जाती है, इसी तरह के लॉयल्टी प्रोग्राम चलाकर कंपनियां अपना मुनाफा बढ़ाती है और यह ग्राहकों को काफी लुभाते हैं। जो ग्राहक कंपनी से ज्यादा समय से जुड़े हैं उनके लिए स्पेशल ऑफर्स भी निकाले जाते हैं, इनमें केवल कुछ ग्राहकों को ही फायदा दिया जाता है, लेकिन इसके पीछे भी कंपनियां अपना फायदा जरूर निकालती हैं।

ग्राहक इसके बारे में क्या सोचते हैं ?

इस तरह के मामलों में कई बार कुछ शोध किए गए हैं, जिसमें यह पता चलता है कि, ग्राहक चाहते हैं, कंपनियां अलग-अलग तरीके के लॉयल्टी प्रोग्राम चलाएं, जिसका सीधा मतलब यह है कि, जो कंपनियां ऑफर और डील्स देने में कुछ अलग अंदाज में सोचती हैं, रचनात्मक तरीका अपनाती हैं, उसका ग्राहकों पर गहरा असर होता है। कंपनियों को यह देखने की भी जरूरत है कि, उनके वफादार ग्राहक किन ऑफर्स और डील्स में ज्यादा इच्छा रखते हैं, इसी के मुताबिक नए ग्राहकों को भी डील्स और डिस्काउंट देने में मदद मिल सकती है। बदलते दौर में इस तरह के लॉयल्टी प्रोग्राम और इसके फायदे काफी प्रचलित हो चुके हैं, आंकड़े बताते हैं कि, 90% कंपनियां एक तरह के ही लॉयल्टी प्रोग्राम्स चलाती हैं। प्रतिस्पर्धा भरे इस दौर में ग्राहक जानते हैं कि, उन्हें क्या चुनना है। इस को मद्देनजर रखते हुए, यह कंपनियों की जिम्मेदारी है कि, वे ग्राहकों को क्या अलग दें सकती हैं।

क्या ग्राहकों को उपहार देना वाकई ग्राहकों को बनाए रखता है?

यह सच्चाई है कि, ग्राहकों को उपहार देना उन्हें बनाए रखने में मदद करता है और  लॉयल्टी प्रोग्राम काम करते हैं, लेकिन आज के दौर में ऑनलाइन और ऑफलाइन खरीदारी Online and Offline shopping के बढ़ते प्रचलन को देखते हुए, पहले की तुलना में ग्राहकों की वफादारी थोड़ी कम नजर आ सकती है। क्योंकि आजकल प्रतिस्पर्धा का माहौल बढ़ रहा है, तो ग्राहक चाहते हैं कि, उन्हें कई तरह के लॉयल्टी प्रोग्राम देखने को मिले, अगर आपकी कंपनी में कोई लॉयल्टी प्रोग्राम नहीं है, तो यह आपको दुखी कर सकता है। कंपनियों को इस बात का ध्यान रखना जरूरी है कि, वे लॉयल्टी प्रोग्राम इस तरह बनाएं कि उन्हें नुकसान Loss in Business ना पहुंचे। इसके अलावा सोशल मीडिया Social Media का उपयोग करके कंपनियों के लिए यह आसान हो गया है कि, वह ग्राहकों के साथ आसानी से जुड़ सकें और डील्स, डिस्काउंट्स दे सकें, इस तरह के माध्यम से ग्राहकों को बनाएं रखने या फिर यूं कहें कि वफादारी पर सकारात्मक प्रभाव जरूर पड़ता है। ध्यान देने वाली बात यह है कि, सोशल मीडिया पर जब आप मार्केटिंग Marketing करें, तो हमेशा अपने द्वारा दिए जा रहे प्रोडक्ट की बात ना करें, अपने ग्राहकों के साथ बात करना उनके प्रश्नों का उत्तर देना भी बेहद जरूरी है। यह ग्राहकों को बनाए रखने में कारगर कदम सिद्ध होगा। 

आखिर में घूम फिर कर बात वहीं आती है कि, क्या सच में कंपनियों द्वारा चलाए जा रहे लॉयल्टी प्रोग्राम्स का असर ग्राहकों पर होता है, तो इसका निचोड़ यही कहता है कि वास्तव में ग्राहकों का इस पर असर होता है, लेकिन कई कंपनियां आज भी इस पर विश्वास नहीं करती, लेकिन कई सर्वे में सकारात्मक परिणाम सामने आते हैं और सोशल मीडिया पर जब आप अपने ग्राहकों से बातचीत करेंगे और निष्कर्ष निकालेंगे तो आप जान पाएंगे की ग्राहक क्या चाहते हैं? एक बात का ख्याल जरूरी रखिएगा कि, लॉयल्टी प्रोग्राम देते वक्त आपको अपनी लाभ और हानि का पूरा ध्यान रखना होगा।

ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए कई कंपनियां ग्राहकों को बड़े लुभावने ऑफर और डिस्काउंट्स Offers/Deals/ Discounts देती है, क्या यह ऑफर वाकई काम करते हैं। कई बार यह डिस्काउंट संस्थाओं पर भारी भी पड़ जाते हैं और कई बार इसका बड़ा फायदा कंपनियों को होता है। फायदे और नुकसान के बीच सभी कंपनियां इस तरह के डिस्काउंट या डील्स ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए इस्तेमाल में लाती हैं। जिसे लॉयल्टी प्रोग्राम्स  Loyalty Programs भी कहा जाता है। आज हम आपको इस लेख के माध्यम से बताने वाले हैं कि, जो लॉयल्टी प्रोग्राम्स कंपनियां चलाती हैं, उससे ग्राहक हमेशा कंपनी के वफादार बने रहते हैं, आइए जानते हैं क्या है पूरा माजरा।

लॉयल्टी प्रोग्राम कैसे काम करता है?

लॉयल्टी प्रोग्राम यानी कि ग्राहकों को बनाए रखने की इस प्रक्रिया में कई तरह के डिस्काउंट्स और डील्स दिए जाते हैं। ऐसे में ग्राहकों को जरूरी ग्राहक यानी VIP माना जाता है। इस नजरिए से लॉयल्टी प्रोग्राम, ग्राहकों को आप के उत्पाद और सेवाओं को बेचने का एक प्रभावी तरीका है। अलग-अलग कंपनियां इस तरह के लॉयल्टी प्रोग्राम अपने ग्राहकों के लिए चलाती हैं और सभी कंपनियों के ऑफर और डील्स अलग-अलग होते हैं। उदाहरण के रूप में समझा जाए तो, कई बार आपने देखा होगा कि, एक सामान खरीदने पर दो सामान फ्री देने की बातें की जाती है या फिर किसी सामान के खरीदने पर 500 रुपए की छूट दी जाती है, इसी तरह के लॉयल्टी प्रोग्राम चलाकर कंपनियां अपना मुनाफा बढ़ाती है और यह ग्राहकों को काफी लुभाते हैं। जो ग्राहक कंपनी से ज्यादा समय से जुड़े हैं उनके लिए स्पेशल ऑफर्स भी निकाले जाते हैं, इनमें केवल कुछ ग्राहकों को ही फायदा दिया जाता है, लेकिन इसके पीछे भी कंपनियां अपना फायदा जरूर निकालती हैं।

ग्राहक इसके बारे में क्या सोचते हैं ?

इस तरह के मामलों में कई बार कुछ शोध किए गए हैं, जिसमें यह पता चलता है कि, ग्राहक चाहते हैं, कंपनियां अलग-अलग तरीके के लॉयल्टी प्रोग्राम चलाएं, जिसका सीधा मतलब यह है कि, जो कंपनियां ऑफर और डील्स देने में कुछ अलग अंदाज में सोचती हैं, रचनात्मक तरीका अपनाती हैं, उसका ग्राहकों पर गहरा असर होता है। कंपनियों को यह देखने की भी जरूरत है कि, उनके वफादार ग्राहक किन ऑफर्स और डील्स में ज्यादा इच्छा रखते हैं, इसी के मुताबिक नए ग्राहकों को भी डील्स और डिस्काउंट देने में मदद मिल सकती है। बदलते दौर में इस तरह के लॉयल्टी प्रोग्राम और इसके फायदे काफी प्रचलित हो चुके हैं, आंकड़े बताते हैं कि, 90% कंपनियां एक तरह के ही लॉयल्टी प्रोग्राम्स चलाती हैं। प्रतिस्पर्धा भरे इस दौर में ग्राहक जानते हैं कि, उन्हें क्या चुनना है। इस को मद्देनजर रखते हुए, यह कंपनियों की जिम्मेदारी है कि, वे ग्राहकों को क्या अलग दें सकती हैं।

क्या ग्राहकों को उपहार देना वाकई ग्राहकों को बनाए रखता है?

यह सच्चाई है कि, ग्राहकों को उपहार देना उन्हें बनाए रखने में मदद करता है और  लॉयल्टी प्रोग्राम काम करते हैं, लेकिन आज के दौर में ऑनलाइन और ऑफलाइन खरीदारी Online and Offline shopping के बढ़ते प्रचलन को देखते हुए, पहले की तुलना में ग्राहकों की वफादारी थोड़ी कम नजर आ सकती है। क्योंकि आजकल प्रतिस्पर्धा का माहौल बढ़ रहा है, तो ग्राहक चाहते हैं कि, उन्हें कई तरह के लॉयल्टी प्रोग्राम देखने को मिले, अगर आपकी कंपनी में कोई लॉयल्टी प्रोग्राम नहीं है, तो यह आपको दुखी कर सकता है। कंपनियों को इस बात का ध्यान रखना जरूरी है कि, वे लॉयल्टी प्रोग्राम इस तरह बनाएं कि उन्हें नुकसान Loss in Business ना पहुंचे। इसके अलावा सोशल मीडिया Social Media का उपयोग करके कंपनियों के लिए यह आसान हो गया है कि, वह ग्राहकों के साथ आसानी से जुड़ सकें और डील्स, डिस्काउंट्स दे सकें, इस तरह के माध्यम से ग्राहकों को बनाएं रखने या फिर यूं कहें कि वफादारी पर सकारात्मक प्रभाव जरूर पड़ता है। ध्यान देने वाली बात यह है कि, सोशल मीडिया पर जब आप मार्केटिंग Marketing करें, तो हमेशा अपने द्वारा दिए जा रहे प्रोडक्ट की बात ना करें, अपने ग्राहकों के साथ बात करना उनके प्रश्नों का उत्तर देना भी बेहद जरूरी है। यह ग्राहकों को बनाए रखने में कारगर कदम सिद्ध होगा। 

आखिर में घूम फिर कर बात वहीं आती है कि, क्या सच में कंपनियों द्वारा चलाए जा रहे लॉयल्टी प्रोग्राम्स का असर ग्राहकों पर होता है, तो इसका निचोड़ यही कहता है कि वास्तव में ग्राहकों का इस पर असर होता है, लेकिन कई कंपनियां आज भी इस पर विश्वास नहीं करती, लेकिन कई सर्वे में सकारात्मक परिणाम सामने आते हैं और सोशल मीडिया पर जब आप अपने ग्राहकों से बातचीत करेंगे और निष्कर्ष निकालेंगे तो आप जान पाएंगे की ग्राहक क्या चाहते हैं? एक बात का ख्याल जरूरी रखिएगा कि, लॉयल्टी प्रोग्राम देते वक्त आपको अपनी लाभ और हानि का पूरा ध्यान रखना होगा।