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Success Motivation

चाणक्य नीतियां हैं सफलता के मूल मंत्र

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चाणक्य नीतियां हैं सफलता के मूल मंत्र

Post Highlights

प्राचीन समय से ही चाणक्य नीतियों ने सदैव समाज को एक दिशा प्रदान करने का काम किया है। चाणक्य बहुत ही महान सलाहकार, अर्थशास्त्री और शिक्षक थे। इनकी नीतियां को न सिर्फ मौर्य साम्राज्य के दौरान माना जाता था बल्कि आज भी इन नीतियों को लोगों द्वारा अपनाया जाता है। यह किसी के भी जीवन को बदलने की ताकत रखती हैं। इस लेख में हम चाणक्य की कुछ विचारधाराओं का वर्णन करेंगे।

यह कहना तो सत्य है कि हम सभी के विचारों का एक वज़न होता है। एक ऐसा वज़न जो ना केवल हमारी मानसिक स्थिति को बदलता है बल्कि हमारे कार्यों, रहन-सहन और जीवन को बदल देता है। हम पुरातन काल के ऐसे कई महान् विचारकों को जानते हैं जिन्होंने अपने जीवन के साथ-साथ दूसरों के जीवन में भी अनेक सकारात्मक मंत्रों को संजोने की कोशिश की है। उन्हीं महान् विचारकों में से एक थे चाणक्य Chanakya। आप सभी भी इनके नाम से परिचित जरूर होंगे। और हो भी क्यों ना, इनकी नीतियों ने हमेशा से समाज का मार्गदर्शन जो किया है।

चाणक्य, जिन्हें कौटिल्य Kautilya के नाम से भी जाना जाता था, चंद्रगुप्त मौर्य Chandra Gupta Mourya के शासनकाल एक महान् के दौरान यह एक शाही सलाहकार, अर्थशास्त्री और शिक्षक Royal advisor, economist and teacher थे। इन्होंने मौर्य साम्राज्य Maurya Empire के विस्तार और निर्माण में बहुत ही महत्तवपूर्ण भूमिका निभाई थी। चाणक्य एक विद्वान व्यक्ति थे जिन्हें तीन वेदों का संपूर्ण ज्ञान था। इन्हें अपनी पुस्तक "अर्थशास्त्र Arthshastra" के लिए जाना जाता था जो आर्थिक नीतियों, सैन्य रणनीतियों और राज्य कला economic policies, military strategies and state art पर लिखी गई एक प्राचीन पुस्तक है।‌ अर्थशास्त्र बहुत ही प्रमुख और प्रसिद्ध पुस्तक रही जिसने मौर्य साम्राज्य को बहुत प्रभावित किया। ना सिर्फ चाणक्य की पुस्तक ने बल्कि स्वयं चाणक्य की नीतियां समाज को बदलने और सही दिशा दिखाने का बल रखती हैं। इस लेख में हम चाणक्य की उन्हीं विचारधाराओं का उल्लेख करेंगे जिन्हें कोई भी अपने जीवन में सफल होने के लिए अपना सकता है।

1. "दूसरों की गलतियों से सीखें, आप इतने लंबे समय तक जीवित नहीं रह सकते कि सभी चीज़ों को आज़मा सकें" 

"Learn from the mistakes of others; you cannot live long enough to make them all yourselves”

हमने अक्सर लोगों को यह कहते सुना है कि जब तक हम किसी चीज़ के लिए कोशिश नहीं करते तब तक हमें पता नहीं चलता कि हम उसमें सफल होंगे या नहीं। लेकिन चाणक्य इसे गलत समझते हैं। उनके अनसार यह जीवन छोटा है, हम इसे अनावश्यक गलतियां करने और उन गलतियों से सीखने में बर्बाद नहीं कर सकते। इसलिए  दूसरों के जीवन से सबक लेना महत्त्वपूर्ण है। इससे हम अपने जीवन में अनावश्यक गलतियां करने से बच सकते हैैं। हमें सदैव अपने आसपास की चीजों को अपने अंदर अवशोषित absorb करना चाहिए ताकि हम पूरी तरह से सुखपूर्वक जीवन जी सकें।

2. “हर दोस्ती के पीछे कोई न कोई स्वार्थ होता है।  स्वार्थ के बिना मित्रता नहीं होती। यह कड़वा सच है।"

“There is some self-interest behind every friendship. There is no friendship without self-interest. This is a bitter truth.”

दोस्ती हमारे जीवन का बहुत ही महत्त्वपूर्ण तत्व है और यह सभी के जीवन का एक हिस्सा है। अक्सर हम अपने दोस्तों से कुछ सीखते हैं, आगे बढ़ते हैं या फिर कई बार उनकी सहायता से सफल भी होते हैं। लेकिन चाणक्य के अनुसार इस बात को झुठलाया भी नहीं जा सकता कि कोई भी मित्रता बिना स्वार्थ के नहीं होती। हर रिश्ते में कुछ ना कुछ स्वार्थ अवश्य छिपा होता है। लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि रिश्ते अथवा दोस्त ना बनाए जाएं बल्कि इसके साथ-साथ व्यक्ति को हमेशा इस बात को ध्यान में रखना चाहिए। अपने जीवन में इस मंत्र का पालन करने से हम अपने आस-पास के लोगों द्वारा अपना स्वार्थ दिखाने और आहत करने पर विचलित नहीं होंगे।

3. अगर कोई सांप जहरीला नहीं है, तो भी उसे जहरीले होने का दिखावा करना चाहिए।" 

"If a snake is not poisonous, it should pretend to be venomous.”

चाणक्य अपने इस जीवन मंत्र से आपको अपनी कमजोरियों को दूर करने पर ज़ोर दे रहे हैं।‌ वे कहते हैं कि हमें कभी भी अपनी कमजोरियों को दुनिया के सामने प्रकट नहीं करना चाहिए। दुनिया में ऐसे कई लोग हैं जो दूसरों की कमजोरियों पर निशाना कर उसका फायदा उठाते हैं। हर व्यक्ति की अपनी ताकत और कमजोरी होती है जिसे हमेशा छिपा कर रखना चाहिए। भले ही किसी स्थिति में हम खुद को मजबूत महसूस ना करें लेकिन दुनिया के सामने हमें अपनी ताकत का संकेत देना चाहिए।

चाणक्य की यह नीतियां वर्तमान समय की कठोर सच्चाइयों के इर्द-गिर्द घूमती हैं। सभी को जीवन और समाज के तथ्यों को समझने की आवश्यकता होती है और स्थितियों के अनुसार इन नीतियों का उपयोग करने की जरूरत होती है जिससे हम अपने जीवन में ऊपर उठ सकते हैं।

यह कहना तो सत्य है कि हम सभी के विचारों का एक वज़न होता है। एक ऐसा वज़न जो ना केवल हमारी मानसिक स्थिति को बदलता है बल्कि हमारे कार्यों, रहन-सहन और जीवन को बदल देता है। हम पुरातन काल के ऐसे कई महान् विचारकों को जानते हैं जिन्होंने अपने जीवन के साथ-साथ दूसरों के जीवन में भी अनेक सकारात्मक मंत्रों को संजोने की कोशिश की है। उन्हीं महान् विचारकों में से एक थे चाणक्य Chanakya। आप सभी भी इनके नाम से परिचित जरूर होंगे। और हो भी क्यों ना, इनकी नीतियों ने हमेशा से समाज का मार्गदर्शन जो किया है।

चाणक्य, जिन्हें कौटिल्य Kautilya के नाम से भी जाना जाता था, चंद्रगुप्त मौर्य Chandra Gupta Mourya के शासनकाल एक महान् के दौरान यह एक शाही सलाहकार, अर्थशास्त्री और शिक्षक Royal advisor, economist and teacher थे। इन्होंने मौर्य साम्राज्य Maurya Empire के विस्तार और निर्माण में बहुत ही महत्तवपूर्ण भूमिका निभाई थी। चाणक्य एक विद्वान व्यक्ति थे जिन्हें तीन वेदों का संपूर्ण ज्ञान था। इन्हें अपनी पुस्तक "अर्थशास्त्र Arthshastra" के लिए जाना जाता था जो आर्थिक नीतियों, सैन्य रणनीतियों और राज्य कला economic policies, military strategies and state art पर लिखी गई एक प्राचीन पुस्तक है।‌ अर्थशास्त्र बहुत ही प्रमुख और प्रसिद्ध पुस्तक रही जिसने मौर्य साम्राज्य को बहुत प्रभावित किया। ना सिर्फ चाणक्य की पुस्तक ने बल्कि स्वयं चाणक्य की नीतियां समाज को बदलने और सही दिशा दिखाने का बल रखती हैं। इस लेख में हम चाणक्य की उन्हीं विचारधाराओं का उल्लेख करेंगे जिन्हें कोई भी अपने जीवन में सफल होने के लिए अपना सकता है।

1. "दूसरों की गलतियों से सीखें, आप इतने लंबे समय तक जीवित नहीं रह सकते कि सभी चीज़ों को आज़मा सकें" 

"Learn from the mistakes of others; you cannot live long enough to make them all yourselves”

हमने अक्सर लोगों को यह कहते सुना है कि जब तक हम किसी चीज़ के लिए कोशिश नहीं करते तब तक हमें पता नहीं चलता कि हम उसमें सफल होंगे या नहीं। लेकिन चाणक्य इसे गलत समझते हैं। उनके अनसार यह जीवन छोटा है, हम इसे अनावश्यक गलतियां करने और उन गलतियों से सीखने में बर्बाद नहीं कर सकते। इसलिए  दूसरों के जीवन से सबक लेना महत्त्वपूर्ण है। इससे हम अपने जीवन में अनावश्यक गलतियां करने से बच सकते हैैं। हमें सदैव अपने आसपास की चीजों को अपने अंदर अवशोषित absorb करना चाहिए ताकि हम पूरी तरह से सुखपूर्वक जीवन जी सकें।

2. “हर दोस्ती के पीछे कोई न कोई स्वार्थ होता है।  स्वार्थ के बिना मित्रता नहीं होती। यह कड़वा सच है।"

“There is some self-interest behind every friendship. There is no friendship without self-interest. This is a bitter truth.”

दोस्ती हमारे जीवन का बहुत ही महत्त्वपूर्ण तत्व है और यह सभी के जीवन का एक हिस्सा है। अक्सर हम अपने दोस्तों से कुछ सीखते हैं, आगे बढ़ते हैं या फिर कई बार उनकी सहायता से सफल भी होते हैं। लेकिन चाणक्य के अनुसार इस बात को झुठलाया भी नहीं जा सकता कि कोई भी मित्रता बिना स्वार्थ के नहीं होती। हर रिश्ते में कुछ ना कुछ स्वार्थ अवश्य छिपा होता है। लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि रिश्ते अथवा दोस्त ना बनाए जाएं बल्कि इसके साथ-साथ व्यक्ति को हमेशा इस बात को ध्यान में रखना चाहिए। अपने जीवन में इस मंत्र का पालन करने से हम अपने आस-पास के लोगों द्वारा अपना स्वार्थ दिखाने और आहत करने पर विचलित नहीं होंगे।

3. अगर कोई सांप जहरीला नहीं है, तो भी उसे जहरीले होने का दिखावा करना चाहिए।" 

"If a snake is not poisonous, it should pretend to be venomous.”

चाणक्य अपने इस जीवन मंत्र से आपको अपनी कमजोरियों को दूर करने पर ज़ोर दे रहे हैं।‌ वे कहते हैं कि हमें कभी भी अपनी कमजोरियों को दुनिया के सामने प्रकट नहीं करना चाहिए। दुनिया में ऐसे कई लोग हैं जो दूसरों की कमजोरियों पर निशाना कर उसका फायदा उठाते हैं। हर व्यक्ति की अपनी ताकत और कमजोरी होती है जिसे हमेशा छिपा कर रखना चाहिए। भले ही किसी स्थिति में हम खुद को मजबूत महसूस ना करें लेकिन दुनिया के सामने हमें अपनी ताकत का संकेत देना चाहिए।

चाणक्य की यह नीतियां वर्तमान समय की कठोर सच्चाइयों के इर्द-गिर्द घूमती हैं। सभी को जीवन और समाज के तथ्यों को समझने की आवश्यकता होती है और स्थितियों के अनुसार इन नीतियों का उपयोग करने की जरूरत होती है जिससे हम अपने जीवन में ऊपर उठ सकते हैं।

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