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कोरोना के बाद बढ़ेगा व्यवसाय, अपनाइये यह उपाय

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कोरोना के बाद बढ़ेगा व्यवसाय, अपनाइये यह उपाय

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Post Highlights

साल 2020 से अब तक भारत की आबादी का जीवन चलाना चुनौतीपूर्ण रहा है। इन हालातों को पटरी पर लाने के लिए सभी क्षेत्र के लोगों ने अपने अपने हिस्से पर अच्छा काम किया है। आज हम यहां कुछ ऐसे बदलावों पर बात करने जा रहे हैं, जो कोरोना काल के बाद से व्यवसाय और उद्यमियों की ज़िन्दगी का हिस्सा बन चुके हैं।

साल 2020 से अब तक भारत की आबादी का जीवन यापन काफी चुनौतीपूर्ण रहा है। वैश्विक महामारी के चलते देश के कई व्यवसाय अभी भी चुनौती का सामना कर रहे हैं। देश के सभी व्यवसाय करने वाले लोगों ने इस चुनौती का डटकर सामना किया। देखा जा सकता है कि, धीरे-धीरे देश की हालात सुधर रही है। इन हालातों को पटरी पर लाने के लिए सभी क्षेत्र के लोगों ने अपने अपने हिस्से पर अच्छा काम किया है। आज हम यहां कुछ ऐसे बदलावों पर बात करने जा रहे हैं, जो कोरोना काल के बाद से व्यवसाय और उद्यमियों की ज़िन्दगी का हिस्सा बन चुके हैं।

1. डिजिटाइजेशन को मिला बढ़ावा 

डिजिटाइजेशन ने देश की सूरत बदली है। वैसे तो प्रधानमंत्री मोदी इस मुहिम को देश से पहले ही जोड़ चुके थे। लेकिन कोरोना काल के आने के बाद तो डिजिटाइजेशन ने सब पर अपनी छाप छोड़ दी। सारे काम डिजिटल हो गए। देश में कोविड-19 की वजह से लॉक डाउन लग चुका था और लॉकडाउन लगने के बाद लोगों से जुड़ने और आगे बढ़ने का सिर्फ एक ही जरिया बचा था, वह था डिजिटाइजेशन। सभी ने इसे स्वीकार भी किया और देश में डिजिटाइजेशन की लहर चल पड़ी। कोरोना अपना कहर बरपा रहा था लेकिन डिजिटल तरीके से लोग अपने काम को अंजाम दे रहे थे। डिजिटाइजेशन ने देश के सभी कामों को संभाले रखा। हां गति थोड़ी धीमी हो गई थी, लेकिन काम फिर भी सभी के चल रहे थे, क्योंकि अब देश के लोगों ने डिजिटाइजेशन को अपनाना शुरू कर दिया था। सभी को इस बात का अनुमान हो चुका था कि अगर डिजिटाइजेशन को नहीं अपनाया, तो अपनी ज़िन्दगी की नैया को पार लगाना मुश्किल है।

2. विभिन्न व्यवसायों का एक साथ जुड़ना 

कोरोना काल में कई व्यवसाय जो कि अलग-अलग चल रहे थे, वह भी एकजुट होकर सामने आए। जिसकी मदद से देश की जनता को बड़ा फायदा हुआ। देश की सरकारी संस्थाएं निजी संस्थाओं के साथ जुड़कर काम कर रही थीं। सरकार ने डायग्नोस्टिक्स, स्वास्थ्य से जुड़े उपकरण बनाने और विज्ञान चिकित्सा संबंधित संस्थाओं को प्रोत्साहन दिया और पूरा सहयोग किया। इस दौरान कई नए आविष्कार हुए, जिसे ऑनलाइन माध्यम से लोगों तक पहुंचाया गया। छात्रों की शिक्षा से लेकर लोगों के रोजगार तक के लिए संस्थाएं एकजुट होकर काम कर रही हैं। अलग-अलग क्षेत्रों में व्यवसाय करने वालों ने इस तरह की एकजुटता दिखाकर देश को कोरोना काल से निकालने में संकटमोचन का काम किया है।

3. स्थानीयकरण और आत्मनिर्भर बनाने की मुहिम 

भारतीय सरकार ने वैश्विक महामारी के दौरान एमएसएमई व्यवसाय कंपनियों की काफी मदद की, जिसके कारण आत्मनिर्भर भारत का निर्माण किया जा सका। सरकार द्वारा मुहैया कराए गए राहत पैकेज के चलते इलेक्ट्रॉनिक और कई तकनीकी क्षेत्रों में व्यवसाय करने वाले लोगों को फायदा मिला। भारत की बड़ी-बड़ी कंपनियों के अलावा विदेशी कंपनियों ने भी स्थानीयकरण को लेकर सकारात्मक रूप से एकजुटता दिखाई। जिसके चलते स्थानीय लोगों को रोजगार का भी मौका मिला और उन्हें व्यवसाय में भी नाम कमाने का आत्मविश्वास आया।

4. उद्यमियों  ने समाज सेवा में भी बड़ा योगदान दिया 

संकट के दौर से गुजर रहे देश के लिए कई भारतीय उद्योगपतियों ने हाथ आगे बढ़ाया। अपने समय का सही इस्तेमाल करते हुए अपनी व्यावसायिक सेवाओं के साथ-साथ सामाजिक सेवा में भी अपना योगदान दिया। कई सामाजिक मुद्दों के लिए पैसा इकट्ठा करने से लेकर जरूरतमंदों की मदद करने में कोई भी पीछे नहीं रहा। भारत के उद्योगपतियों का स्थान सामाजिक योगदान के लिए पूरे विश्व में सर्वाधिक नजर आया। कोराना काल के दौरान अस्पताल में दाखिले को लेकर मदद हो या फिर ऑक्सीजन की समस्या हो या कोई अन्य समस्या, हर सिरे पर व्यवसाय करने वाले लोगों ने देश की जनता की हर संभव मदद कर बदलते स्वरूप का उदाहरण दिया है।

5. 'मानसिक स्वास्थ्य' पर सोच पहले से काफी अलग 

कोरोना काल के पहले मानसिक स्वास्थ्य पर इतना ध्यान नहीं दिया जाता था।लेकिन कोरोना काल में लॉकडाउन लगने के बाद व्यवसायिक परिस्थितियां गड़बड़ा गईं थीं और लोग-बाग घर में कैद थे, जिसके कारण मानसिक स्वास्थ्य के मामले काफी बढ़ने लगे। जो लोग पहले मानसिक स्वास्थ्य को लेकर हिचकते थे अब खुलकर सामने आने लगे और मानसिक स्वास्थ्य पर अपने विचारों को एक अलग सोच प्रदान की। आज लोग इस पर खुलकर बात कर रहे हैं चाहे व्यवसाय हो या अन्य कोई क्षेत्र मानसिक स्वास्थ्य पर अब जनता अलग सोच रखने लगी है। कोरोना यह एक बड़ा बदलाव देश की जनता और व्यवसाय करने वाले लोगों को बड़ा सबक देकर गया है। अच्छे स्वास्थ्य के लिए भारतीय उद्यमियों ने अच्छी सेहत को अपनाना शुरू कर दिया है। अपनों के साथ समय बिताना शुरू कर दिया है। स्वास्थ्य के लिए योग करना शुरू कर दिया है यह एक बड़ा बदलाव है, जो पिछले कई वर्षों में देखने को नहीं मिला था।

कोरोना काल के बाद व्यवसाय से संबंधित यह कुछ ऐसे बदलाव हैं जिन पर गौर फ़रमाना लाजमी है। शायद ऐसे बदलाव की कल्पना हमने पहले कभी नहीं की थी। उम्मीद करते हैं अगर आप भी व्यवसाय करते हैं और आपने इन बदलावों को नहीं अपनाया है, तो यह लेख पढ़कर इन सभी बदलावों जरूर करेंगे और सफल अवश्य होंगे।

साल 2020 से अब तक भारत की आबादी का जीवन यापन काफी चुनौतीपूर्ण रहा है। वैश्विक महामारी के चलते देश के कई व्यवसाय अभी भी चुनौती का सामना कर रहे हैं। देश के सभी व्यवसाय करने वाले लोगों ने इस चुनौती का डटकर सामना किया। देखा जा सकता है कि, धीरे-धीरे देश की हालात सुधर रही है। इन हालातों को पटरी पर लाने के लिए सभी क्षेत्र के लोगों ने अपने अपने हिस्से पर अच्छा काम किया है। आज हम यहां कुछ ऐसे बदलावों पर बात करने जा रहे हैं, जो कोरोना काल के बाद से व्यवसाय और उद्यमियों की ज़िन्दगी का हिस्सा बन चुके हैं।

1. डिजिटाइजेशन को मिला बढ़ावा 

डिजिटाइजेशन ने देश की सूरत बदली है। वैसे तो प्रधानमंत्री मोदी इस मुहिम को देश से पहले ही जोड़ चुके थे। लेकिन कोरोना काल के आने के बाद तो डिजिटाइजेशन ने सब पर अपनी छाप छोड़ दी। सारे काम डिजिटल हो गए। देश में कोविड-19 की वजह से लॉक डाउन लग चुका था और लॉकडाउन लगने के बाद लोगों से जुड़ने और आगे बढ़ने का सिर्फ एक ही जरिया बचा था, वह था डिजिटाइजेशन। सभी ने इसे स्वीकार भी किया और देश में डिजिटाइजेशन की लहर चल पड़ी। कोरोना अपना कहर बरपा रहा था लेकिन डिजिटल तरीके से लोग अपने काम को अंजाम दे रहे थे। डिजिटाइजेशन ने देश के सभी कामों को संभाले रखा। हां गति थोड़ी धीमी हो गई थी, लेकिन काम फिर भी सभी के चल रहे थे, क्योंकि अब देश के लोगों ने डिजिटाइजेशन को अपनाना शुरू कर दिया था। सभी को इस बात का अनुमान हो चुका था कि अगर डिजिटाइजेशन को नहीं अपनाया, तो अपनी ज़िन्दगी की नैया को पार लगाना मुश्किल है।

2. विभिन्न व्यवसायों का एक साथ जुड़ना 

कोरोना काल में कई व्यवसाय जो कि अलग-अलग चल रहे थे, वह भी एकजुट होकर सामने आए। जिसकी मदद से देश की जनता को बड़ा फायदा हुआ। देश की सरकारी संस्थाएं निजी संस्थाओं के साथ जुड़कर काम कर रही थीं। सरकार ने डायग्नोस्टिक्स, स्वास्थ्य से जुड़े उपकरण बनाने और विज्ञान चिकित्सा संबंधित संस्थाओं को प्रोत्साहन दिया और पूरा सहयोग किया। इस दौरान कई नए आविष्कार हुए, जिसे ऑनलाइन माध्यम से लोगों तक पहुंचाया गया। छात्रों की शिक्षा से लेकर लोगों के रोजगार तक के लिए संस्थाएं एकजुट होकर काम कर रही हैं। अलग-अलग क्षेत्रों में व्यवसाय करने वालों ने इस तरह की एकजुटता दिखाकर देश को कोरोना काल से निकालने में संकटमोचन का काम किया है।

3. स्थानीयकरण और आत्मनिर्भर बनाने की मुहिम 

भारतीय सरकार ने वैश्विक महामारी के दौरान एमएसएमई व्यवसाय कंपनियों की काफी मदद की, जिसके कारण आत्मनिर्भर भारत का निर्माण किया जा सका। सरकार द्वारा मुहैया कराए गए राहत पैकेज के चलते इलेक्ट्रॉनिक और कई तकनीकी क्षेत्रों में व्यवसाय करने वाले लोगों को फायदा मिला। भारत की बड़ी-बड़ी कंपनियों के अलावा विदेशी कंपनियों ने भी स्थानीयकरण को लेकर सकारात्मक रूप से एकजुटता दिखाई। जिसके चलते स्थानीय लोगों को रोजगार का भी मौका मिला और उन्हें व्यवसाय में भी नाम कमाने का आत्मविश्वास आया।

4. उद्यमियों  ने समाज सेवा में भी बड़ा योगदान दिया 

संकट के दौर से गुजर रहे देश के लिए कई भारतीय उद्योगपतियों ने हाथ आगे बढ़ाया। अपने समय का सही इस्तेमाल करते हुए अपनी व्यावसायिक सेवाओं के साथ-साथ सामाजिक सेवा में भी अपना योगदान दिया। कई सामाजिक मुद्दों के लिए पैसा इकट्ठा करने से लेकर जरूरतमंदों की मदद करने में कोई भी पीछे नहीं रहा। भारत के उद्योगपतियों का स्थान सामाजिक योगदान के लिए पूरे विश्व में सर्वाधिक नजर आया। कोराना काल के दौरान अस्पताल में दाखिले को लेकर मदद हो या फिर ऑक्सीजन की समस्या हो या कोई अन्य समस्या, हर सिरे पर व्यवसाय करने वाले लोगों ने देश की जनता की हर संभव मदद कर बदलते स्वरूप का उदाहरण दिया है।

5. 'मानसिक स्वास्थ्य' पर सोच पहले से काफी अलग 

कोरोना काल के पहले मानसिक स्वास्थ्य पर इतना ध्यान नहीं दिया जाता था।लेकिन कोरोना काल में लॉकडाउन लगने के बाद व्यवसायिक परिस्थितियां गड़बड़ा गईं थीं और लोग-बाग घर में कैद थे, जिसके कारण मानसिक स्वास्थ्य के मामले काफी बढ़ने लगे। जो लोग पहले मानसिक स्वास्थ्य को लेकर हिचकते थे अब खुलकर सामने आने लगे और मानसिक स्वास्थ्य पर अपने विचारों को एक अलग सोच प्रदान की। आज लोग इस पर खुलकर बात कर रहे हैं चाहे व्यवसाय हो या अन्य कोई क्षेत्र मानसिक स्वास्थ्य पर अब जनता अलग सोच रखने लगी है। कोरोना यह एक बड़ा बदलाव देश की जनता और व्यवसाय करने वाले लोगों को बड़ा सबक देकर गया है। अच्छे स्वास्थ्य के लिए भारतीय उद्यमियों ने अच्छी सेहत को अपनाना शुरू कर दिया है। अपनों के साथ समय बिताना शुरू कर दिया है। स्वास्थ्य के लिए योग करना शुरू कर दिया है यह एक बड़ा बदलाव है, जो पिछले कई वर्षों में देखने को नहीं मिला था।

कोरोना काल के बाद व्यवसाय से संबंधित यह कुछ ऐसे बदलाव हैं जिन पर गौर फ़रमाना लाजमी है। शायद ऐसे बदलाव की कल्पना हमने पहले कभी नहीं की थी। उम्मीद करते हैं अगर आप भी व्यवसाय करते हैं और आपने इन बदलावों को नहीं अपनाया है, तो यह लेख पढ़कर इन सभी बदलावों जरूर करेंगे और सफल अवश्य होंगे।